Ambikapur Crime : अंबिकापुर में एक नवविवाहिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। मैनपाट क्षेत्र की रहने वाली 20 वर्षीय वर्षा यादव को 17 सितंबर को गंभीर हालत में अंबिकापुर के मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि उसने चूहामार दवा का सेवन कर लिया था। अस्पताल के आईसीयू में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन मंगलवार सुबह उसकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मई 2026 में हुई थी वर्षा की शादी
मृतका की पहचान सूरजपुर जिले के वार्ड क्रमांक 13, प्रगतिनगर निवासी वर्षा यादव के रूप में हुई है। वर्षा उमेश यादव की बेटी थी और उसकी उम्र करीब 20 वर्ष बताई गई है। परिवार के अनुसार, उसकी शादी मई 2026 में सामाजिक रीति-रिवाज के साथ मैनपाट के लुरैना निवासी अजय यादव से हुई थी। शादी के बाद वर्षा की पढ़ाई भी जारी रखने की योजना थी।
बिश्रामपुर कॉलेज में पढ़ाई जारी रखना चाहती थी
परिजनों के मुताबिक, वर्षा आगे एमएससी की पढ़ाई करना चाहती थी। परिवार ने बताया कि उसकी इच्छा को देखते हुए बिश्रामपुर स्थित कॉलेज में उसका एडमिशन कराने की तैयारी की जा रही थी। ससुराल पक्ष की सहमति के बाद पढ़ाई जारी रखने की योजना बनी थी। इसी बीच 12 अगस्त को उसका पति उसे मायके से अपने साथ मैनपाट ले गया था।
पिता का आरोप, बेटी ने फोन पर बताई थी परेशानी
वर्षा के पिता उमेश यादव ने पुलिस को दिए बयान में ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और मारपीट के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 15 सितंबर को बेटी ने फोन करके अपनी परेशानी बताई थी। पिता के मुताबिक, वर्षा ने आरोप लगाया था कि उसके साथ मारपीट की गई और उसके पति ने कथित तौर पर उसके पेट पर चढ़कर गला दबाने की कोशिश की।
पिता ने बेटी को समझाकर शांत रहने को कहा
वर्षा की बात सुनने के बाद उसके पिता ने उसे समझाने की कोशिश की थी। उनका कहना है कि उन्होंने बेटी से कहा था कि पति-पत्नी के बीच कभी-कभी छोटे-मोटे विवाद हो जाते हैं और वह जल्द ही दोनों से मिलकर बात करेंगे। परिवार को उस समय यह अंदाजा नहीं था कि स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है। इसके दो दिन बाद ही वर्षा ने एक भावुक संदेश भेजा।
व्हाट्सऐप पर लिखा- मैं जीना नहीं चाहती
परिजनों के अनुसार, 17 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे वर्षा ने अपने पिता को व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजा। पिता का दावा है कि संदेश में उसने लिखा था कि वह अब जीना नहीं चाहती और उसे सुकून से मरने दिया जाए। इस संदेश के कुछ समय बाद ही उसके पति अजय यादव ने फोन कर बताया कि वर्षा की तबीयत खराब हो गई है और उसे इलाज के लिए मिशन अस्पताल अंबिकापुर ले जाया जा रहा है।
पति के फोन के बाद अस्पताल पहुंचे परिजन
दामाद का फोन आने के बाद वर्षा के पिता और अन्य परिजन तत्काल अंबिकापुर के मिशन अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने वर्षा को गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती किया और उपचार शुरू किया। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में इलाज के दौरान भी वर्षा ने अपने ससुराल पक्ष को लेकर चिंता जाहिर की थी। 19 सितंबर को उसने पिता से कथित तौर पर कहा कि ससुराल वाले ठीक व्यवहार नहीं करते।
22 सितंबर को इलाज के दौरान हुई मौत
कई दिनों तक अस्पताल में उपचार चलने के बावजूद वर्षा की हालत में सुधार नहीं हो सका। मंगलवार, 22 सितंबर की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। अब पुलिस मृतका के परिजनों के आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस ने बयान के आधार पर शुरू की जांच
मृतका के पिता ने पुलिस के सामने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अब वर्षा के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप संदेश, अस्पताल से संबंधित रिकॉर्ड और परिजनों के बयानों समेत अन्य तथ्यों की जांच कर सकती है। फिलहाल पुलिस की जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि नवविवाहिता की मौत की परिस्थितियां क्या थीं और घटना के पीछे कौन से कारण जिम्मेदार रहे।
परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की
वर्षा की मौत के बाद उसके मायके पक्ष में शोक का माहौल है। पिता का कहना है कि बेटी की शादी को अभी केवल कुछ महीने ही हुए थे और वह आगे पढ़ाई करना चाहती थी। परिवार ने लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं को जुटाकर आगे की कार्रवाई में लगी हुई है।
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