Ambikapur News : ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उपलब्ध कराने की पहल अब सफलता की नई कहानी लिख रही है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) की सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत संचालित निःशुल्क प्रतियोगी कोचिंग केंद्रों से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों ने जवाहर नवोदय विद्यालय और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं में सफलता हासिल कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

पांच केंद्रों पर मिली निःशुल्क कोचिंग
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान परसा, बासेन, शिवनगर, सलका सहित पांच प्रतियोगी कोचिंग केंद्र संचालित किए गए। इन केंद्रों में 100 विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) तथा अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) की निःशुल्क तैयारी कराई गई।

विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के साथ विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कक्षाएं, अभ्यास सत्र और मॉडल टेस्ट आयोजित किए गए, जिससे उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मजबूत हो सकी।
इन विद्यार्थियों ने हासिल की सफलता
कोचिंग का सकारात्मक परिणाम सामने आया, जिसमें परसा गांव की सरगम सारथी का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय में हुआ। वहीं एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में विमला सिंह, शालिनी मरकाम (सलका), स्वाति सिंह (शिवनगर), अरुण कुमार (सलका), सुशांत सिंह श्याम और महंत पंडो (बासेन) का चयन हुआ।
ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए बना प्रेरणा का माध्यम
चयनित विद्यार्थियों की सफलता ने यह साबित किया है कि आर्थिक या भौगोलिक चुनौतियां प्रतिभा के रास्ते की बाधा नहीं बन सकतीं। उचित मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निरंतर अभ्यास के बल पर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।

अभिभावकों और क्षेत्रवासियों में खुशी
विद्यार्थियों की सफलता पर उनके अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए आरआरवीयूएनएल की इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि ऐसे प्रयास ग्रामीण बच्चों के शैक्षणिक विकास और उज्ज्वल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
आरआरवीयूएनएल का उद्देश्य भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीण विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा पहुंचाना है, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।












