Rahul Gandhi voter yatra : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक जंग तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अब चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि अगर केंद्र में INDIA गठबंधन की सरकार बनी तो ‘वोट चोरी’ के मामले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वोट चोरी सिर्फ लोकतंत्र पर नहीं बल्कि भारत माता पर हमला है। राहुल गांधी के निशाने पर चुनाव आयोग राहुल गांधी पिछले कुछ समय से बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर आक्रामक हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है, जिससे विपक्षी वोटरों को हटाने का प्रयास हो रहा है। अब उन्होंने वोट चोरी को लेकर चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि आयोग को सत्ता के दबाव में काम करने की बजाय निष्पक्ष रहना चाहिए। राहुल गांधी बिहार में 16 दिनों की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाल रहे हैं। यह यात्रा 20 जिलों से होकर गुजरेगी और करीब 1300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस यात्रा के जरिए कांग्रेस और विपक्षी दल मतदाताओं को जागरूक करने और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं। इस यात्रा की शुरुआत अगले हफ्ते से होगी कांग्रेस के साथ-साथ विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के कई नेता भी इस यात्रा में शामिल होंगे। इसका मकसद मतदाताओं को यह संदेश देना है कि अगर उनका नाम वोटर लिस्ट से हटाया गया तो वे तुरंत शिकायत करें और कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बिहार में विधानसभा चुनाव भले ही अभी कुछ महीने दूर हों, लेकिन राहुल गांधी की इस यात्रा ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। कांग्रेस इसे एक जनांदोलन के रूप में पेश कर रही है। वहीं, भाजपा और जदयू जैसे सत्ताधारी दल इसको केवल राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं। विपक्ष की एकजुटता की कोशिश विश्लेषकों का मानना है कि बिहार कांग्रेस के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। यहां आरजेडी, जदयू और भाजपा जैसे दलों की मजबूत पकड़ है। राहुल गांधी की इस यात्रा को विपक्षी एकजुटता का मंच भी माना जा रहा है। इसमें आरजेडी और वामदलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है। इससे INDIA ब्लॉक को बिहार में जमीन मजबूत करने का अवसर मिलेगा। सत्ता पक्ष का पलटवार भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा है कि वह हार के डर से पहले ही चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगे हैं। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। जदयू ने भी कहा कि कांग्रेस बिहार में बुरी तरह हाशिये पर है और यह यात्रा सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए है। बिहार विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने राज्य की सियासत को पहले ही गरमा दिया है। जहां कांग्रेस और INDIA ब्लॉक इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बता रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष इसे महज एक राजनीतिक नाटक करार दे रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि यह यात्रा मतदाताओं को कितना प्रभावित करती है और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने में कितनी सफल होती है। Read More : Vice President Election 2025: NDA ने सीपी राधाकृष्णन को उतारा मैदान में, INDIA ब्लॉक आज करेगा उम्मीदवार का ऐलान














