CDS Gen Anil Chauhan: केंद्र सरकार ने देश के दूसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल बढ़ा दिया है। अब वे 30 मई 2026 तक इस पद की अहम जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। गौरतलब है कि उनका मौजूदा कार्यकाल 30 सितंबर 2025 को समाप्त होने वाला था। सरकार के इस फैसले को रक्षा सुधारों और तीनों सेनाओं के समन्वय के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है।

कौन हैं जनरल अनिल चौहान?
जनरल अनिल चौहान ने 30 सितंबर 2022 को देश के CDS के रूप में कार्यभार संभाला था। वे दिवंगत जनरल बिपिन रावत के बाद इस पद पर नियुक्त किए गए थे। खास बात यह रही कि उन्हें सेवानिवृत्त होने के बाद दोबारा सेवा में बुलाया गया, क्योंकि CDS पद के लिए 62 वर्ष से कम उम्र के रिटायर्ड अधिकारी भी योग्य होते हैं।

जनरल चौहान इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले थ्री-स्टार रैंक अधिकारी हैं, जबकि आमतौर पर यह जिम्मेदारी फोर-स्टार जनरल को सौंपी जाती रही है। यह नियुक्ति उनके अनुभव, रणनीतिक दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है।
क्या हैं उनकी बड़ी जिम्मेदारियां?
CDS के रूप में जनरल चौहान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी तीनों सेनाओं—थलसेना, वायुसेना और नौसेना—का एकीकरण सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत थिएटर कमांड्स की स्थापना, संसाधनों का साझा उपयोग और संयुक्त सैन्य रणनीति बनाना शामिल है।
इसके अलावा हायर डिफेंस मैनेजमेंट में चल रहे सुधारों को मूर्त रूप देना भी उनके कार्यकाल का अहम हिस्सा होगा। रक्षा सौदों में पारदर्शिता, आधुनिक हथियारों की खरीद प्रक्रिया और स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में भी उन्हें कई कदम उठाने होंगे।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान पर नीति
जनरल चौहान की अगुवाई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अहम सैन्य अभियानों को सफलता मिली है। उनके नेतृत्व ने यह सुनिश्चित किया है कि भारत की सैन्य रणनीति में निरंतरता बनी रहे और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख कायम रखा जाए। आने वाले समय में भी सीमाई तनावों और आतंकी गतिविधियों से निपटने में उनका अनुभव देश के लिए लाभकारी रहेगा।
जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल बढ़ाया जाना न केवल उनके नेतृत्व पर भरोसे का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार सैन्य सुधारों में स्थायित्व चाहती है। तीनों सेनाओं के बीच समन्वय, रक्षा अधिग्रहण में पारदर्शिता और आधुनिक युद्ध नीति की दिशा में उनका मार्गदर्शन बेहद अहम साबित होगा।











