Vedanta Plant Accident
Vedanta Plant Accident : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़कर अब 20 हो गई है। बुधवार को राहत और बचाव कार्य के बीच रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 7 और जिला अस्पताल में 5 अन्य मृतकों के शवों का पोस्टमॉर्टम (PM) संपन्न किया गया। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अस्पताल परिसर में भारी अव्यवस्था देखने को मिली और अपने प्रियजनों को खो चुके परिजन पोस्टमॉर्टम की औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए घंटों यहां-वहां भटकने को मजबूर दिखे। प्रशासन अब स्थिति को सामान्य करने की कोशिशों में जुटा है।
हादसे के बाद अभी भी कई परिवारों तक सूचना पहुंचने और उनके आने का सिलसिला जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, 5 मृतकों के परिजन अभी तक रायगढ़ नहीं पहुंच सके हैं, जिसकी वजह से उनके शवों का पोस्टमॉर्टम आज यानी गुरुवार को किया जाएगा। इस बीच, प्रदेश के वाणिज्य और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन आज रायगढ़ के विशेष दौरे पर रहेंगे। वे अस्पतालों में भर्ती घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका हालचाल जानेंगे और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश देंगे। इसके पश्चात, वे जिले के कलेक्टर और अन्य आला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे, जिसमें हादसे के कारणों और सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की जाएगी।
यह हादसा कितना भयावह था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कुल 36 लोग बुरी तरह झुलस गए थे। मृतकों में केवल 4 श्रमिक छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं, जबकि अन्य मृतक उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से ताल्लुक रखते थे। वर्तमान में 16 घायलों का उपचार अलग-अलग विशेषज्ञ अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें से कुछ की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। प्लांट में काम करने वाले इन प्रवासी मजदूरों के परिवारों के सामने अब रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जिसे देखते हुए राहत पैकेज की घोषणा की गई है।
घटना की गंभीरता और जन आक्रोश को देखते हुए वेदांता प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के लिए बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है। प्रबंधन ने प्रत्येक मृतक के परिजन को 35-35 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है। हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि वे इस दुख की घड़ी में श्रमिकों के परिवारों के साथ खड़े हैं और घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठा रहे हैं।
प्लांट प्रबंधन के अलावा, सरकार की ओर से भी सहायता राशियों की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने का निर्णय लिया है। वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी अपनी ओर से संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद देने का ऐलान किया है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि मुआवजे की राशि का वितरण बिना किसी देरी के सीधे प्रभावितों के खातों में सुनिश्चित किया जाए।
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