MLA Vinayak Goyal : छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक और विवादास्पद घटना सामने आई है। चित्रकोट विधायक विनायक गोयल को रविवार को लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के एक कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने घेर लिया। इस दौरान विधायक और ग्रामीणों के बीच जमकर बहस हुई। कांग्रेस ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।

बोधघाट परियोजना पर ग्रामीणों का गुस्सा
जानकारी के अनुसार, विधायक विनायक गोयल पुलिया भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। जैसे ही वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें बोधघाट परियोजना को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि परियोजना से प्रभावित होने के बावजूद सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक और ग्रामीणों के बीच बहस होती दिख रही है। बताया जा रहा है कि थोड़ी देर तक कार्यक्रम स्थल पर तनातनी की स्थिति रही और अंततः विधायक को कार्यक्रम छोड़ना पड़ा।

कांग्रेस ने साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “चित्रकोट विधायक विनायक गोयल को जनता ने दौड़ाया। डबल इंजन बेपटरी हो चुकी है और अब भाजपा नेताओं को जनता सड़क पर घेर रही है। यह ठगों की बारात अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली।” प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार इतनी अलोकप्रिय हो चुकी है कि उनके मंत्री और विधायक जनता के बीच जाने से कतराते हैं। जहां भी वे कार्यक्रम करने जाते हैं, वहां जनता का आक्रोश झेलना पड़ता है।
जनता की मूलभूत सुविधाओं पर सवाल
ग्रामीणों ने विधायक से मूलभूत सुविधाओं और चुनावी वादों को पूरा करने की मांग की। उनका आरोप है कि सरकार ने सड़क, बिजली और रोजगार जैसे मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। ग्रामीणों का कहना था कि अगर समय रहते वादे पूरे नहीं हुए, तो आने वाले समय में विरोध और तेज होगा। यह पहली बार नहीं है जब भाजपा नेताओं को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा हो। हाल ही में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के काफिले को ग्रामीणों ने रोका था। लोग सड़क निर्माण और जलभराव की समस्या को लेकर विरोध जता रहे थे। इसी तरह मंत्री लखन लाल देवांगन, ओपी चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को भी जनता ने विरोध का सामना कराया था। रायपुर मेडिकल कॉलेज में तो मुख्यमंत्री के सामने ही डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की थी।
पहले भी रोके गए थे मंत्री और विधायकों के काफिले
पिछले महीने कोरबा जिले के पाली में प्रभारी मंत्री अरुण साव और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के काफिले को ग्रामीणों ने रोका था। वहीं, बिलासपुर-मुंगेली हाईवे पर युवाओं ने मनियारी पुल के पास जर्जर सड़क के विरोध में चक्का जाम कर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के काफिले को रोक दिया था। करीब आधे घंटे तक मंत्री जाम में फंसे रहे और बाद में बिना बातचीत किए वापस लौटना पड़ा। चित्रकोट विधायक विनायक गोयल को जनता द्वारा घेरने की घटना ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की राजनीति को गर्मा दिया है। बोधघाट परियोजना से लेकर सड़कों और मूलभूत सुविधाओं तक, जनता का गुस्सा लगातार सामने आ रहा है। भाजपा सरकार और उसके नेताओं के लिए यह घटनाएं एक बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।
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