Chikkaballapur Crime: कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले से एक रौंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला की मात्र एक मंगलसूत्र के लिए गला घोंटकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात गौरीबिदनूर तालुक के नामगोंडलू गांव के पास हुई। मृतका की पहचान अर्चना (27) के रूप में हुई है, जो आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिले के हिंदूपुर की रहने वाली थीं।

अर्चना की पहचान और पृष्ठभूमि
अर्चना शादीशुदा थीं और दो बच्चों की मां थीं। खाली समय में वह शादी समारोहों में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थीं। 14 अगस्त को अर्चना ईशा फाउंडेशन जाने के लिए अपने दोस्तों के साथ घर से निकलीं, लेकिन वह कभी वापस नहीं लौटीं। 17 अगस्त को उनका शव गांव के बाहरी इलाके में झाड़ियों में पड़ा मिला।

कैसे हुआ खुलासा?
मंचेनहल्ली पुलिस ने जब जांच शुरू की तो शक की सुई राकेश नाम के एक ऑटो ड्राइवर पर गई, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसकी गर्लफ्रेंड अंजलि को भी पकड़ा और पूछताछ की, जिसके बाद पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ।
जानिए कैसे रचा गया मर्डर प्लान
राकेश और अर्चना की दोस्ती हिंदूपुर में शादी समारोह के दौरान हुई थी। हाल ही में वीडियो कॉल पर राकेश ने अर्चना के मंगलसूत्र को देखा और उसे चुराने का प्लान बनाया। राकेश पर ऑटो का कर्ज था और वह ईएमआई नहीं चुका पा रहा था, जिससे ऑटो जब्त होने का डर था। राकेश ने यह प्लान पहले निहारिका को बताया, जो बेंगलुरु के एक पीजी में रहती है। निहारिका ने इसे अंजलि से साझा किया, जिसने अपने दोस्त नवीन को शामिल किया।
हत्या की खौफनाक वारदात
14 अगस्त को राकेश, अंजलि और नवीन पीजी मालिक की गाड़ी लेकर हिंदूपुर पहुंचे और अर्चना को सैर पर ले गए। शाम को गाड़ी में ही उन्होंने ओढ़नी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। फिर अर्चना का मंगलसूत्र लूट लिया और शव को नामगोंडलू गांव के पास फेंककर फरार हो गए।

दो आरोपी गिरफ्तार, दो अब भी फरार
गिरफ्तार आरोपी:
राकेश (ऑटो चालक, मुख्य आरोपी)
अंजलि (सहयोगी और साजिशकर्ता)
फरार आरोपी:
निहारिका
नवीन
पुलिस ने राकेश और अंजलि को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और निहारिका व नवीन की तलाश जारी है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लालच इंसान को हैवान बना सकता है। एक महिला, जो मेहनत से अपने बच्चों का पालन कर रही थी, सिर्फ एक गहने के लिए मौत के घाट उतार दी गई। अब देखने वाली बात यह होगी कि फरार आरोपियों को कब तक पकड़ा जाता है और पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिलता है।











