TI Dilip Puri Murder Case : मध्य प्रदेश के देवास जिले में थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध शराब तस्करी रोकने पहुंचे TI को ट्रक से कुचलकर मारने वाले मुख्य आरोपी और उसके साथी का पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई। दोनों आरोपियों को पैर में गोली लगी है। घटना के बाद पुलिस ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के महज 48 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। मंगलवार रात पुलिस हिरासत से भागने की कथित कोशिश के दौरान गोलीबारी हुई थी।

पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश, दो आरोपी घायल
जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी ट्रक ड्राइवर और उसका साथी धीरज पुलिस की गिरफ्त में थे। पुलिस टीम दोनों को आलीराजपुर से अलग-अलग रास्तों के जरिए खातेगांव लेकर जा रही थी। इसी दौरान राजोदा और बरोठा के बीच पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया।

पुलिसकर्मी सड़क किनारे वाहन का टायर बदलने में जुटे थे। इसी दौरान मुख्य आरोपी ने लघुशंका जाने का बहाना बनाया और मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की। आरोप है कि उसने एक एएसआई की सर्विस रिवॉल्वर भी छीन ली और पुलिस टीम से बचकर भागने लगा।
एएसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर पुलिस पर की फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, भागने के दौरान मुख्य आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई। इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी के दाहिने पैर के निचले हिस्से में गोली लगी। गोली लगने के बाद वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा।

पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर तत्काल देवास जिला अस्पताल पहुंचाया। देर रात आरोपी को अस्पताल लाए जाने के दौरान वहां काफी हलचल मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने भी मामले की स्थिति पर नजर रखी।
दूसरे आरोपी धीरज को भी लगी गोली, इंदौर रेफर
मुख्य आरोपी के घायल होने के बाद उसके साथी धीरज के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई हुई। जानकारी के अनुसार, बैंक नोट प्रेस थाना क्षेत्र के भोपाल बायपास पर भागने की कोशिश के दौरान धीरज के दाहिने पैर में गोली लगी।घायल धीरज को भी देवास जिला अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर कर दिया गया। दोनों आरोपियों का फिलहाल उपचार कराया जा रहा है।
1800 लीटर से ज्यादा शराब से भरा था तस्करी का ट्रक
दरअसल, यह पूरा मामला सोमवार तड़के का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि अवैध शराब की बड़ी खेप ट्रक के जरिए गुजरात भेजी जा रही है। इस सूचना पर खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी पुलिस टीम के साथ इंदौर-बैतूल राजमार्ग पर पहुंचे थे।पुलिस ने संदिग्ध ट्रक को रोकने की कोशिश की। ट्रक में 1,800 लीटर से अधिक अवैध शराब भरी होने की जानकारी सामने आई है। थाना प्रभारी दिलीप पुरी ने चालक को रोककर पूछताछ करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए ट्रक की रफ्तार बढ़ा दी।
ट्रक के पहिए के नीचे आने से हुई थी TI की मौत
पुलिस के अनुसार, भागने की कोशिश में चालक ने ट्रक को सड़क के डिवाइडर पर चढ़ा दिया। इसी दौरान ट्रक का पिछला पहिया थाना प्रभारी दिलीप पुरी के ऊपर से गुजर गया। इस दर्दनाक घटना में उनकी मौत हो गई।थाना प्रभारी की हत्या के बाद पुलिस विभाग में आक्रोश फैल गया था। अब घटना के 48 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी और उसके साथी के घायल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस आगे की जांच में तस्करी के नेटवर्क और इस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

