Gaya Airport Hijack
Gaya Airport Hijack: बिहार के गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार की देर शाम एक सनसनीखेज घटना की सूचना ने हड़कंप मचा दिया। एयर इंडिया की नियमित उड़ान एयरबस-319 (फ्लाइट संख्या ABC-123), जो पटना से कोलकाता जा रही थी, उसे आतंकियों द्वारा हाईजैक करने की सूचना मिलते ही पूरे सुरक्षा तंत्र में खलबली मच गई।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को यह जानकारी मिली कि भारतीय पंजीकृत विमान VT-XYZ (कॉल साइन ABC-123) को तीन आतंकियों ने कब्जे में ले लिया है। इस विमान में 6 क्रू सदस्य और 156 यात्री सवार थे। सूचना के अनुसार, आतंकियों ने विमान को गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारने के लिए मजबूर किया। हाईजैकिंग की इस गंभीर सूचना के मिलते ही सीआईएसएफ की क्यूआरटी टीम (Quick Response Team), बिहार एटीएस (Anti-Terrorist Squad) और जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए और इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया गया।
हाईजैकिंग की खबर मिलते ही सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत एहतियाती कदम उठाए। पूरे एयरपोर्ट परिसर की तत्काल घेराबंदी कर दी गई, ताकि आतंकी किसी भी तरह से बाहर न निकल सकें। सभी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बलों को तैनात किया गया। इसके साथ ही, एयरपोर्ट पर मौजूद महत्वपूर्ण विभागों के उच्चाधिकारियों द्वारा हाईजैकिंग जैसी आपातकालीन घटनाओं पर की जाने वाली कार्रवाई की समीक्षा बैठक भी त्वरित रूप से आयोजित की गई, ताकि ऑपरेशन को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सके।
समीक्षा बैठक के बाद, एटीएस की टीम ने तीव्र और सटीक कमांडो ऑपरेशन शुरू किया। लगभग डेढ़ से दो घंटे तक चले इस गहन ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। एटीएस की टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो आतंकियों को मार गिराया (ढेर कर दिया), वहीं एक आतंकी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। ऑपरेशन की समाप्ति के बाद, विमान में सवार सभी 156 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।
हालांकि, ऑपरेशन के सफल समापन और यात्रियों की सुरक्षित निकासी के बाद अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि यह पूरी घटना वास्तविक नहीं, बल्कि एंटी-हाईजैकिंग मॉक ड्रिल का हिस्सा थी। यह मॉक एक्सरसाइज सुरक्षा तंत्र की तैयारी और समन्वय की जांच के लिए आयोजित की गई थी। इस सफल और यथार्थवादी आयोजन के लिए इसमें भाग लेने वाली सभी टीमों और सुरक्षा एजेंसियों को धन्यवाद दिया गया।
एयरपोर्ट के कार्यकारी निदेशक, अवधेश कुमार ने बताया कि गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यह एंटी-हाईजैकिंग मॉक एक्सरसाइज की गई थी, लेकिन इसे बिल्कुल उसी तरह से अंजाम दिया गया, जैसा किसी भी वास्तविक आतंकी गतिविधि के बाद हो सकता है। उन्होंने बताया कि हाईजैकिंग की घटनाओं में कार्रवाई के लिए विमानपत्तन समिति किसी भी हवाई अड्डे पर सक्रिय की जाने वाली महत्वपूर्ण समिति होती है। इस समिति में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), जिला प्रशासन, राज्य पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एयरलाइन ऑपरेटर सहित अन्य सभी महत्वपूर्ण विभाग शामिल होते हैं। यह समिति हाईजैकिंग की स्थिति में समन्वित और त्वरित कार्रवाई करती है ताकि यात्रियों और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य इसी समन्वय और तैयारियों की जांच करना था।
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