Matrimonial Fraud India : आज के दौर में ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट्स जीवनसाथी तलाशने का एक लोकप्रिय माध्यम बन गई हैं, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी के जोखिम भी बढ़ गए हैं। दिल्ली सहित पूरे देश में ऐसी घटनाएं तेजी से सामने आ रही हैं, जिनमें शातिर अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ये ठग अक्सर खुद को आईएएस, आईपीएस, सीबीआई अधिकारी या किसी बड़ी कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी बताकर सामने वाले का भरोसा जीतते हैं। एक बार भावनात्मक संबंध स्थापित हो जाने के बाद, वे विभिन्न बहाने बनाकर लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाते हैं।

केस स्टडी: शातिरों का ‘हाई-प्रोफाइल’ ढोंग
ठगों की कार्यप्रणाली बेहद सोची-समझी होती है। हाल ही के कुछ मामलों में इसके गंभीर परिणाम सामने आए हैं:

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तिमारपुर का मामला: एक महिला एडवोकेट ने गौरी शंकर नामक व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोपी खुद को आईएफएसओ, सीबीआई अधिकारी और प्रोफेसर बताकर 7 अलग-अलग महिलाओं से लगभग 60 लाख रुपये ठग चुका था। उसने इलाज का बहाना बनाकर महिला से 12 लाख रुपये की ठगी की।
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वेस्ट डिस्ट्रिक्ट का मामला: एक अन्य मामले में, मैट्रिमोनियल साइट पर मिले एक युवक ने शादी का झांसा देकर महिला के बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी हासिल कर ली और उसके खाते से पैसे साफ कर दिए।
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आईपीएस अधिकारी बनकर ठगी: रोहिणी की एक महिला वकील के साथ भी ऐसा ही हुआ। एक युवक ने खुद को 2010 बैच का आईपीएस और सीबीआई में जॉइंट डायरेक्टर बताया। परिवार के प्रभावित होने पर उसने बैंक खाता फ्रीज होने का बहाना बनाकर महिला से 5 लाख रुपये ऐंठ लिए।
ठगी से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?
किसी भी अंजान व्यक्ति पर अंधविश्वास करना महंगा पड़ सकता है। अपनी सुरक्षा के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
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दस्तावेजों की जांच: किसी भी रिश्ते को आगे बढ़ाने से पहले व्यक्ति के पहचान पत्रों जैसे पैन कार्ड या अन्य सरकारी दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें, लेकिन ध्यान रहे कि आधार कार्ड जैसे संवेदनशील विवरण साझा करने में सावधानी बरतें।
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वित्तीय लेन-देन से बचें: जब तक आप व्यक्ति और उसके परिवार को पूरी तरह से नहीं जान लेते, तब तक किसी भी प्रकार का आर्थिक लेन-देन न करें।
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पारिवारिक संवाद: रिश्ते की बात को केवल ऑनलाइन तक सीमित न रखें; उसमें अपने परिवार को भी शामिल करें।
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वेबसाइट की विश्वसनीयता: किसी भी मैट्रिमोनियल पोर्टल पर प्रोफाइल बनाने से पहले उसकी विश्वसनीयता की अच्छी तरह जांच कर लें।
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संदेह होने पर रिपोर्ट करें: यदि आपको किसी भी प्रोफाइल की गतिविधि संदिग्ध लगे, तो तुरंत साइट पर मौजूद रिपोर्टिंग विकल्प का उपयोग करें।
दिल्ली पुलिस की सलाह: पड़ताल के बिना भरोसा न करें
दिल्ली पुलिस के लीगल डिवीजन के इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह के अनुसार, ठगों का मुख्य उद्देश्य भावनाओं का लाभ उठाकर पैसा ऐंठना होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रोफाइल पर दिखने वाली ऊंची नौकरी या पद के झांसे में न आएं। किसी भी प्रोफाइल की जानकारी का व्यक्तिगत स्तर पर सत्यापन करना अत्यंत आवश्यक है। बैंक डिटेल, ओटीपी या निजी फोटो कभी भी साझा न करें। यदि आपको किसी प्रकार की ठगी का संदेह हो, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें। आपकी एक छोटी सी सावधानी आपको एक बड़ी आर्थिक और मानसिक मुसीबत से बचा सकती है।
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