अंतरराष्ट्रीय

Mojtaba Khamenei News : ईरान में सत्ता का नया केंद्र, मोजतबा खामेनेई बने ‘नाममात्र’ के नेता, जनरलों की गुप्त बोर्ड मीटिंग

Mojtaba Khamenei News : न्यूयॉर्क टाइम्स की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई वर्तमान में एक ‘बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स’ की तर्ज पर देश का संचालन कर रहे हैं। मोजतबा के करीबी और पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के सहयोगी रहे राजनेता अब्दोलरेज़ा दावरी ने इस गुप्त शासन व्यवस्था का खुलासा किया है। दावरी के अनुसार, मोजतबा अकेले निर्णय लेने के बजाय ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर’ (IRGC) के शक्तिशाली जनरलों की सलाह पर पूरी तरह निर्भर हैं। ये जनरल एक सलाहकार बोर्ड के सदस्यों की तरह कार्य कर रहे हैं, जहाँ देश की सुरक्षा और राजनीति से जुड़े सभी बड़े फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं। यह बदलाव ईरान की पारंपरिक सत्ता संरचना में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

लिफाफों में बंद हस्तलिखित आदेश: खामेनेई का गुप्त संचार तंत्र

रिपोर्ट में मोजतबा खामेनेई के कार्य करने के बेहद गुप्त और पारंपरिक तरीके का भी वर्णन किया गया है। वर्तमान सुरक्षा खतरों को देखते हुए, वे पूरी तरह छिपकर रह रहे हैं। उनके आदेश किसी डिजिटल माध्यम या टेलीफोन के बजाय हस्तलिखित पत्रों के रूप में जारी किए जा रहे हैं। ये पत्र लिफाफों में बंद होते हैं और विश्वसनीय संदेशवाहकों की एक लंबी श्रृंखला के माध्यम से मुख्य राजमार्गों और ग्रामीण रास्तों से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुँचते हैं। इसी तरह, अधिकारियों के जवाब भी वापस मोजतबा तक पहुँचाए जाते हैं। संचार का यह तरीका किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी या हैकिंग से बचने के लिए अपनाया गया है।

28 फरवरी के हमलों का दर्दनाक इतिहास और व्यक्तिगत क्षति

मोजतबा खामेनेई के इस तरह छिपकर रहने के पीछे 28 फरवरी 2026 को हुए भीषण अमेरिकी-इजरायली हमले हैं। इस बमबारी में उनके पिता और तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी। मोजतबा स्वयं इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन उन्होंने अपनी आँखों के सामने अपनी पत्नी और बेटे को खो दिया। इस व्यक्तिगत त्रासदी और जानलेवा हमले के बाद से ही वे सार्वजनिक जीवन से दूर हैं। वर्तमान में उनसे मिलने की अनुमति बेहद सीमित है, और वे एक सुरक्षित, अज्ञात स्थान पर अपना इलाज करवा रहे हैं।

शारीरिक चुनौतियाँ और राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन की देखरेख में इलाज

मोजतबा की शारीरिक स्थिति को लेकर रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी दी गई है। उनके स्वास्थ्य की देखरेख स्वयं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन कर रहे हैं, जो पेशे से एक अनुभवी हृदय शल्यचिकित्सक (Heart Surgeon) हैं। मोजतबा के एक पैर का अब तक तीन बार ऑपरेशन हो चुका है और भविष्य में उन्हें कृत्रिम पैर (Artificial Leg) का सहारा लेना पड़ेगा। उनके हाथ में भी गंभीर चोटें आई थीं, जिनमें अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। सबसे गंभीर स्थिति उनके चेहरे और होंठों की है, जो बमबारी में बुरी तरह जल गए हैं। जलन के कारण उन्हें बोलने में काफी कठिनाई होती है, और अधिकारियों के अनुसार उन्हें जटिल प्लास्टिक सर्जरी की भी आवश्यकता हो सकती है।

मानसिक सजगता और मौन रहने की रणनीतिक मजबूरी

गंभीर शारीरिक कष्टों और आपरेशनों के बावजूद, रिपोर्ट का दावा है कि मोजतबा खामेनेई मानसिक रूप से पूरी तरह चुस्त और सक्रिय हैं। वे देश की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं और बोर्ड के जनरलों के साथ रणनीतियों पर चर्चा कर रहे हैं। उनके द्वारा कोई भी मौखिक बयान जारी न करने का मुख्य कारण उनकी शारीरिक कमजोरी है। वे दुनिया के सामने अपनी लाचारी या कमजोर आवाज को प्रदर्शित नहीं करना चाहते, क्योंकि इससे देश की छवि और उनके नेतृत्व पर असर पड़ सकता है। यही कारण है कि वे केवल लिखित संदेशों के माध्यम से शासन करना पसंद कर रहे हैं, ताकि उनकी सत्ता की धमक और गोपनीयता दोनों बरकरार रहें।

Read More : Sachin Tendulkar Birthday : सचिन तेंदुलकर के जन्मदिन पर जानें वह सच, जब उन्होंने पहनी थी पाकिस्तान की जर्सी

Thetarget365

Recent Posts

RCB vs GT Match Result: कोहली और पडिक्कल की आंधी में उड़ा गुजरात, बेंगलुरु की 5वीं जीत

RCB vs GT Match Result:  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के रोमांचक सफर में रॉयल…

5 hours ago

SRK King Movie Update: शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ की रिलीज डेट आई सामने, सुहाना खान के साथ दिखेगा जलवा

SRK King Movie Update:  साल 2026 भारतीय सिनेमा के लिए बेहद ऐतिहासिक साबित हो रहा…

6 hours ago

Ambikapur Municipal Budget : अंबिकापुर निगम का 5.79 अरब का बजट पेश, अग्निकांड जांच और अतिक्रमण पर हंगामा

Ambikapur Municipal Budget : अंबिकापुर नगर निगम की सामान्य सभा में शुक्रवार को महापौर मंजूषा…

6 hours ago

Karnataka SC Reservation News: सिद्धारमैया सरकार ने लागू किया आंतरिक आरक्षण, 56 हजार भर्तियों का रास्ता साफ

Karnataka SC Reservation News: बेंगलुरु में आयोजित मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता वाली कैबिनेट बैठक में…

6 hours ago

This website uses cookies.