Nepal Rasuwa Flood : नेपाल में तिब्बत की ओर से अचानक आए तेज पानी ने सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मचा दी। भोटे कोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और आसपास के स्याफ्रुबेसी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, स्थानीय समय करीब सुबह 9 बजे नदी का बहाव अचानक बेहद तेज हो गया। पानी के तेज प्रवाह ने देखते ही देखते सड़क, पुल, वाहन और अन्य संपत्तियों को अपनी चपेट में ले लिया।
तिमुरे और स्याफ्रुबेसी में भारी नुकसान
अचानक आई बाढ़ से दोनों बस्तियों में काफी नुकसान की खबर है। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिला। कई जगहों पर सामान और वाहनों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश भी नाकाम रही। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत-बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
कई गाड़ियां और सामान पानी में बहे
नेपाल सेना ने बताया कि भोटे कोशी नदी में आए तेज बहाव के कारण कई वाहन, सामान और दूसरी संपत्तियां बह गईं। रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र धुंगाना के अनुसार, सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और अन्य सामान भी बाढ़ की चपेट में आ गए। इससे सीमा क्षेत्र में आर्थिक नुकसान का भी अंदेशा है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का विस्तृत आकलन अभी जारी है।
नवनिर्मित पुल भी बाढ़ में क्षतिग्रस्त
बाढ़ के तेज बहाव का असर बुनियादी ढांचे पर भी पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में बनाया गया एक पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के नुकसान के कारण स्थानीय आवाजाही और राहत कार्यों में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। प्रशासन प्रभावित इलाकों में संपर्क व्यवस्था बहाल करने और जरूरी सेवाओं को सुचारु रखने के प्रयास में जुटा है।
पांच जिलों में लोगों को सतर्क रहने की अपील
बाढ़ के खतरे को देखते हुए नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। रसुवा के अलावा नुवाकोट, धाडिंग, चितावन और गोरखा जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। लोगों को नदी और निचले इलाकों से दूर रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
नेपाल सेना और सुरक्षा बल तैनात
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को रसुवा तथा आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। सुरक्षा बलों का मुख्य उद्देश्य फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाना और जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।
प्रधानमंत्री ने बुलाई हाई लेवल बैठक
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाने की तैयारी की है। बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान, राहत-बचाव अभियान और आगे उठाए जाने वाले जरूरी कदमों की समीक्षा की जाएगी। सरकार प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दे रही है।
लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय बचाव एजेंसियों और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार करें। राहत और बचाव से जुड़ी जानकारी के लिए 1234 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोग सहायता प्राप्त कर सकें।
त्रिशूली नदी के पास हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू
नेपाल सेना ने त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में तलाशी और बचाव अभियान के लिए दो हेलीकॉप्टर रवाना किए हैं। सेना के मुताबिक, इमरजेंसी मेडिकल रेस्क्यू टीम से लैस एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर त्रिशूली के जिला अस्पताल की ओर भेजा गया है। इसका उद्देश्य जरूरतमंदों तक तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाना और गंभीर मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है।
नुकसान का पूरा आंकड़ा अभी सामने नहीं आया
नेपाल सेना ने कहा है कि भीषण बाढ़ से हुए कुल नुकसान की तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी जुटाई जा रही है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान लोगों की सुरक्षा और राहत-बचाव अभियान पर है। अचानक आई इस बाढ़ ने नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा के खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है।
Read More : UP Election 2027: सपा का महिलाओं को बड़ा तोहफा, हर साल मिलेंगे 40 हजार रुपये