UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी ने महिलाओं को केंद्र में रखते हुए कई बड़े वादों का ऐलान किया है। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने महिलाओं की आर्थिक मजबूती, सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की आगामी योजनाएं सामने रखीं। डिंपल यादव ने कहा कि सत्ता में आने पर सपा स्त्री सम्मान समृद्धि योजना शुरू करेगी।
हर साल महिलाओं को मिलेंगे 40 हजार रुपये
डिंपल यादव के मुताबिक, प्रस्तावित स्त्री सम्मान समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और समय के साथ इसमें आवश्यक सुधार किए जाएंगे। उनका दावा है कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर देना है।
अखिलेश यादव बोले- आधी आबादी के बिना विकास अधूरा
अखिलेश यादव ने महिलाओं की भागीदारी को देश और प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए कहा कि आधी आबादी की तरक्की के बिना वास्तविक विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार में महिलाओं से जुड़े कई फैसले लिए गए थे, जिन्हें आज भी उदाहरण के तौर पर देखा जाता है। उनका कहना था कि महिलाओं की स्वतंत्रता और सुरक्षा को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
1090 व्यवस्था को फिर मजबूत करने का दावा
अखिलेश यादव ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू की गई 1090 व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल में आए जापानी प्रतिनिधिमंडल को भी इस सिस्टम के बारे में जानकारी दी गई थी। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि सत्ता में वापसी के बाद महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी इस व्यवस्था को दोबारा मजबूत किया जाएगा। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और अपनी शिकायतों के समाधान की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
बीजेपी पर अखिलेश ने साधा निशाना
अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं को लेकर केवल नारे लगाने से उनकी स्थिति नहीं बदलेगी। उन्होंने महिला सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर सरकार को घेरा और हाथरस की घटना का भी जिक्र किया। उनका आरोप था कि भाजपा की राजनीति में महिलाओं के सम्मान की बातें तो होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं को अपेक्षित सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल रहा है।
बंद स्कूल खोलने का भी सपा का वादा
सपा नेतृत्व ने शिक्षा के क्षेत्र में भी कई घोषणाएं कीं। पार्टी की ओर से कहा गया कि सत्ता में लौटने पर कक्षा आठ तक के बंद किए गए स्कूलों को फिर से खोला जाएगा। इसके अलावा इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने वाली छात्राओं को लैपटॉप देने का वादा किया गया। पार्टी का कहना है कि डिजिटल शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं से छात्राओं के भविष्य को मजबूत किया जाएगा।
पुलिस में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का दावा
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सपा ने पुलिस बल में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की बात कही। इसके अलावा महिलाओं और बच्चों के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा गया। पार्टी के अनुसार, इन कदमों का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को आपात स्थिति में तेजी से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
हर जिले में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का वादा
सपा नेतृत्व ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी बड़ा दावा किया। पार्टी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाए जाएंगे। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा। पार्टी ने इसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
PDA में A यानी आधी आबादी: डिंपल
डिंपल यादव ने पार्टी के PDA सामाजिक समीकरण में महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि PDA में ‘A’ का अर्थ आधी आबादी है और महिलाओं की समृद्धि पार्टी के विचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला के सम्मान की गारंटी होनी चाहिए और महिलाओं के विचारों को भी बराबर महत्व मिलना चाहिए।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
डिंपल यादव ने कहा कि समाज में महिलाओं की स्थिति मजबूत करने के लिए उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिला केवल किसी एक उम्र या वर्ग तक सीमित शब्द नहीं है, बल्कि हर उम्र की महिला के सम्मान और अधिकारों की बात होनी चाहिए। सपा की प्रस्तावित योजना को इसी सोच से जोड़कर देखा जा रहा है।
महिला नेताओं की भी रही मौजूदगी
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा से जुड़ी कई महिला नेता भी मौजूद रहीं। सांसद प्रिया सरोज, इकरा हसन और विधायक रागनी सोनकर, पूजा शुक्ला तथा नसीम सोलंकी समेत अन्य महिला नेताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। चुनाव से पहले सपा के इन ऐलानों से साफ है कि पार्टी महिलाओं से जुड़े आर्थिक, सामाजिक, सुरक्षा और शिक्षा के मुद्दों को अपने राजनीतिक अभियान में प्रमुखता देने की तैयारी कर रही है।
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