North Bengal Reconstruction: उत्तर बंगाल के लिए सरकार ने खोला खजाना, 465 परियोजनाओं पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये

उत्तर बंगाल में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। ₹249.86 करोड़ की राशि से 465 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार का फोकस आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लोगों के पुनर्वास पर रहेगा।

North Bengal Reconstruction : उत्तर बंगाल में पिछले साल आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और लोगों के पुनर्वास की दिशा में पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने राज्य आपदा मोचन कोष यानी SDRF से 249.86 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इस धनराशि का इस्तेमाल कुल 465 लक्षित परियोजनाओं के जरिए किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य आपदा से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को फिर से तैयार करने के साथ प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराना है।

ads
Adst

465 परियोजनाओं पर खर्च होगी 249.86 करोड़ की राशि

सरकार की ओर से स्वीकृत राशि से उत्तर बंगाल में 465 अलग-अलग परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। इन परियोजनाओं में आपदा से प्रभावित सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। सड़कों, संपर्क व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर जरूरी सार्वजनिक ढांचे को दोबारा मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन कार्यों से प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बहाल करने में मदद मिलेगी।

Adst

अक्टूबर 2025 की फ्लैश फ्लड ने मचाई थी भारी तबाही

मुख्यमंत्री की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 4 और 5 अक्टूबर 2025 को उत्तर बंगाल के कई इलाकों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की स्थिति बनी थी। इस प्राकृतिक आपदा से खासतौर पर दार्जिलिंग की पहाड़ियों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। कई स्थानों पर सार्वजनिक ढांचा प्रभावित हुआ और स्थानीय समुदायों के सामने आवागमन तथा रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें बढ़ गई थीं।

दार्जिलिंग हिल्स में पुनर्निर्माण पर खास फोकस

आपदा से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में दार्जिलिंग हिल्स को प्रमुखता से शामिल किया गया है। सरकार के अनुसार, SDRF की मंजूर राशि से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक ढांचे को फिर से खड़ा किया जाएगा। इसके साथ ही उन इलाकों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया को भी गति दी जाएगी, जहां बाढ़ और भूस्खलन ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया था।

सरकार ने पुनर्वास को बताया प्राथमिकता

सरकार का कहना है कि यह पहल केवल निर्माण और मरम्मत तक सीमित नहीं है। इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य आपदा प्रभावित पहाड़ी समुदायों को दोबारा स्थिर जीवन उपलब्ध कराना भी है। पुनर्निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों और समुदायों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना है। इससे लोगों को भविष्य में भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

Adst

कलिम्पोंग और आसपास के क्षेत्रों पर भी नजर

उत्तर बंगाल के पुनर्निर्माण अभियान में दार्जिलिंग के साथ कलिम्पोंग और अन्य प्रभावित क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर इन इलाकों में विकास कार्यों और आपदा के बाद की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। सरकार का जोर ऐसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है, जो पहाड़ी इलाकों में लोगों की कनेक्टिविटी और दैनिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

खराब मौसम के बीच प्रशासनिक समीक्षा जारी

उत्तर बंगाल में खराब मौसम के कारण प्रशासनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। मुख्यमंत्री की ओर से पहले कलिम्पोंग की यात्रा रद्द होने के बाद उत्तरकन्या से अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस दौरान प्रभावित क्षेत्रों में विकास और पुनर्निर्माण से जुड़े कार्यों की समीक्षा पर जोर दिया गया।

पारदर्शी तरीके से खर्च होगा पुनर्निर्माण फंड

सरकार ने दावा किया है कि मंजूर की गई 249.86 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल सीधे विकास और पुनर्वास कार्यों में किया जाएगा। 465 परियोजनाओं के जरिए सार्वजनिक ढांचे को दोबारा मजबूत करने की कोशिश होगी। सरकार के मुताबिक, इस पहल से आपदा प्रभावित उत्तर बंगाल में लंबे समय से जरूरी पुनर्निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और लोगों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिलेगी।

प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद

फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण की जरूरत लंबे समय से बनी हुई थी। अब SDRF से राशि मंजूर होने के बाद इन कार्यों के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य बुनियादी सुविधाओं की बहाली के साथ प्रभावित पहाड़ी समुदायों को स्थायी रूप से मजबूत करना है। 465 परियोजनाओं के माध्यम से उत्तर बंगाल में पुनर्निर्माण और पुनर्वास अभियान को नई गति देने की तैयारी है।

Read More :  BrahMos Missile: चीन के पड़ोस में भारत की बढ़ी ताकत, इंडोनेशिया-फिलीपींस तक पहुंची ब्रह्मोस

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • ओडिशा

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst