UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर एक बार फिर गरमा गया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता शिवपाल यादव को एक खुला राजनीतिक ऑफर देकर राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। मंत्री राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से शिवपाल यादव को अपने साथ आने का न्योता दिया है। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने न केवल शिवपाल यादव के प्रति अपनी सहानुभूति जताई, बल्कि उनके राजनीतिक सम्मान का मुद्दा उठाकर सपा के भीतर सब कुछ ठीक न होने का दावा भी किया है।

सम्मान और पद का प्रलोभन: राजभर ने की सीधी पेशकश
ओपी राजभर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में शिवपाल यादव को वह सम्मान और उचित जिम्मेदारी नहीं मिल पा रही है, जिसके वे हकदार हैं। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में खुलकर बोलने की आजादी का अभाव है, और जो लोग आज शिवपाल यादव के लिए अपशब्दों या ‘डॉट-डॉट-डॉट’ वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके साथ काम करना मुश्किल है। राजभर ने शिवपाल यादव को भरोसा दिलाया कि यदि वे सुभासपा के साथ आते हैं, तो उन्हें न केवल पूर्ण सम्मान मिलेगा, बल्कि पार्टी में उन्हें एक महत्वपूर्ण और गरिमापूर्ण पद भी दिया जाएगा।

पुरानी टीस और बीजेपी से नजदीकियां: राजभर का बड़ा दावा
कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में शिवपाल यादव के राजनीतिक अतीत की ओर इशारा करते हुए कुछ तीखे सवाल भी किए। उन्होंने याद दिलाया कि जब शिवपाल यादव को समाजवादी पार्टी से निष्कासित किया गया था, या जब उनसे प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद छीन लिए गए थे, तब भी उन्होंने अपनी नाराजगी को सार्वजनिक तौर पर प्रकट नहीं किया था। राजभर ने यह भी सनसनीखेज दावा किया कि शिवपाल यादव काफी समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ जुड़ने की कोशिशें कर रहे थे, लेकिन किन्हीं कारणों से वह प्रयास सफल नहीं हो पाए।
“रात में कॉल करें, विस्तार से बताऊंगा पूरा प्रस्ताव”
इस खुली चिट्ठी का समापन बेहद दिलचस्प अंदाज में हुआ है। राजभर ने शिवपाल यादव को रात के समय कॉल करने का सुझाव दिया है, ताकि वे उन्हें पूरा राजनीतिक प्रस्ताव विस्तार से समझा सकें। इसके पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि दिन के समय वे पिछड़े, दलित और शोषित वर्गों के हक की लड़ाई लड़ने और उनके विकास कार्यों को पूरा करने में व्यस्त रहते हैं। राजभर के इस ऑफर ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है कि क्या शिवपाल यादव सपा से अलग होकर कोई बड़ा कदम उठाने की सोच रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का इंतजार
ओपी राजभर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सभी प्रमुख राजनीतिक दल आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटे हैं और अपनी-अपनी चुनावी बिसात बिछा रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले पर शिवपाल यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि राजभर की यह कवायद सपा के भीतर असंतोष को हवा देने और अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकती है। फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या शिवपाल यादव इस ऑफर का कोई जवाब देंगे या इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर देंगे।
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