JeM Terrorists Arrested : गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने एक बेहद सफल और खुफिया ऑपरेशन के तहत जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े 8 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक साथ की गई। इन आतंकवादियों का मुख्य उद्देश्य गुजरात में एक सक्रिय नेटवर्क तैयार करना था ताकि भविष्य में किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम दिया जा सके। समय रहते की गई इस कार्रवाई ने राज्य को एक संभावित बड़े हमले से बचा लिया है। ATS की 5 विशेष टीमों ने स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर बनासकांठा, मेहसाणा, नवसारी, पाटन और मध्य प्रदेश के देवास में सुनियोजित छापेमारी की।

‘दारुल इस्लाम गुजरात’ के नाम से चला रहे थे आतंकी मॉड्यूल
एटीएस के उप महानिरीक्षक सुनील जोशी ने जानकारी दी कि इन गिरफ्तार आरोपियों ने गुजरात में ‘दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद’ नामक एक संगठन का गठन किया था, जो पूरी तरह से जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की विचारधारा और निर्देशों पर काम कर रहा था। आरोपी अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं को उकसाने और उन्हें आतंकी संगठन में शामिल करने का काम कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि ये सभी आतंकी सीधे तौर पर अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर नामक दो पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे, जो उन्हें लगातार निर्देश दे रहे थे।

कैसे बिछाया ATS ने जाल और पकड़े गए आरोपी
इस ऑपरेशन की शुरुआत तब हुई जब एटीएस को एक गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। सबसे पहले, अहमद और इब्राहिम नाम के दो संदिग्धों को मेहसाणा-बनासकांठा राजमार्ग के पास हिरासत में लिया गया। उनसे हुई गहन पूछताछ और तकनीकी इनपुट के आधार पर एटीएस ने अन्य सभी आरोपियों तक पहुंच बनाई। गिरफ्तार आरोपियों में पालनपुर के भागल गांव के निवासी इब्राहिम घाघा, मुदासिर गाजीवाला, अहमद गाजीवाला, ज़कारिया दुरानी घाघा, महमूद अब्दुल सवादी, बिलाल दुरानी घाघा, टोकरिया गांव का मुफ़्ती फ़ौजान दौआ और सिद्धपुर के शेरा गांव का महमूद अमीन शामिल हैं।
जांच का दायरा और आगामी कार्रवाई
फिलहाल एटीएस की टीमें आरोपियों को विभिन्न इलाकों में ले जाकर उनसे विस्तृत पूछताछ कर रही हैं। इब्राहिम मोहम्मद के घर पर भी छानबीन की गई है और अन्य स्थानों, जैसे टोकरिया और सिद्धपुर में भी सबूत जुटाने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एटीएस का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि ये आतंकी किसके साथ मिलकर काम कर रहे थे और उनका अगला लक्ष्य क्या था।
आतंकी मंसूबों पर लगी लगाम
एटीएस की यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता का प्रमाण है। यदि समय रहते इस मॉड्यूल को नहीं पकड़ा जाता, तो ये आतंकी गुजरात में एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करने में सफल हो सकते थे। पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ रही है ताकि जैश के इस छद्म संगठन के पीछे छिपे अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके। सुरक्षा के दृष्टिकोण से गुजरात और मध्य प्रदेश के प्रभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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