Raipur Minor Assault
Raipur Minor Assault : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून के कड़े प्रहार ने एक बार फिर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। जिला अदालत ने 13 साल की मासूम लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले 20 वर्षीय युवक सोनू चेलक को 20 साल की सजा सुनाई है। यह मामला खरोरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ आरोपी ने न केवल मासूम की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि उसके परिवार को खत्म करने की धमकी देकर उसे खौफ के साए में रखा। अदालत ने इस मामले में पीड़िता के साथ हुए अन्याय को गंभीरता से लेते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
घटना की पृष्ठभूमि दिसंबर 2024 की है। आरोपी सोनू चेलक की पीड़िता से जान-पहचान लगभग पांच महीने पहले हुई थी। 14 दिसंबर को जब पीड़िता अपनी दादी के गांव गई हुई थी, तब आरोपी ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाने की योजना बनाई। सुबह करीब 10 बजे जब मासूम लड़की पास की दुकान पर सामान लेने निकली, तभी सोनू अपनी बाइक लेकर वहाँ पहुंच गया। उसने लड़की को साथ चलने के लिए कहा, लेकिन जब मासूम ने इनकार किया, तो उसने अपना असली रंग दिखाया।
आरोपी ने मासूम को डराने के लिए उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। उसने कहा कि अगर वह उसके साथ बाइक पर नहीं बैठी, तो वह उसके माता-पिता और भाई-बहन को मार डालेगा। 13 साल की बच्ची इस धमकी से इतनी डर गई कि वह बिना कुछ बोले उसकी बाइक पर बैठ गई। आरोपी उसे खरोरा से दूर रायपुर के डूमरतराई इलाके में ले आया। यहाँ उसने अपने एक दोस्त का कमरा किराए पर ले रखा था, जहाँ इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया।
कमरे में ले जाने के बाद आरोपी ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती शुरू कर दी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उस समय उसका मासिक धर्म (पीरियड्स) चल रहा था और उसने शारीरिक तकलीफ का हवाला देकर आरोपी से रहम की भीख मांगी। उसने बार-बार आरोपी का विरोध किया, लेकिन सोनू पर हैवानियत सवार थी। उसने मासूम की एक न सुनी और उसके साथ बलात्कार किया। इस बीच, गांव में पीड़िता के घर न लौटने पर परेशान पिता ने खरोरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
वारदात के अगले दिन आरोपी ने पीड़िता को चुप रहने की धमकी देकर उसके गांव के पास छोड़ दिया। घर पहुंचते ही पीड़िता ने रोते हुए अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत FIR दर्ज की और आरोपी सोनू चेलक को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयानों ने अदालत में अभियोजन पक्ष के दावे को मजबूती प्रदान की।
रायपुर जिला न्यायालय ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विशेष धाराओं के तहत सुनवाई करते हुए सोनू चेलक को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि नाबालिगों के खिलाफ ऐसे अपराध समाज के लिए कलंक हैं। अदालत ने आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही, पीड़िता के पुनर्वास और मानसिक संबल के लिए सरकार को आदेश दिया गया कि उसे 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इस फैसले से पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर राहत की सांस ली है।
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