Rajouri LoC Firing: जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी की गई। घटना शुक्रवार रात करीब 9:50 बजे शुरू हुई, जब भारतीय सीमा प्रहरियों ने तरकुंडी फॉरवर्ड इलाके में संदिग्ध आतंकवादियों की गतिविधियों को देखा। भारतीय सेना ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए जवाबी कार्रवाई की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा बिना किसी उकसावे के की गई यह गोलाबारी लगभग डेढ़ से दो घंटे तक जारी रही। गनीमत यह रही कि इस घटना में भारतीय पक्ष को किसी भी प्रकार के जान-माल का कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ा। फिलहाल, सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और दुश्मन की हर हरकत पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।

ध्यान भटकाने की पाकिस्तानी चाल
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि LoC पर यह गोलाबारी पाकिस्तान की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। पाकिस्तान अपने घरेलू राजनीतिक और आर्थिक संकटों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अक्सर सीमा पर ऐसी नापाक हरकतें करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब भी पाकिस्तान आंतरिक रूप से उथल-पुथल का सामना करता है, तो वह सीमा पर तनाव पैदा कर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने या अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश करता है। भारतीय सेना का कहना है कि वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और दुश्मन को उसके हर दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सुरक्षा परिदृश्य
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद LoC पर संघर्ष-विराम उल्लंघन (सीजफायर वॉयलेशन) की यह अब तक की सबसे गंभीर घटना मानी जा रही है। पिछले साल मई महीने में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने सीमा पार आतंकी नेटवर्क की कमर तोड़ दी थी। उस ऐतिहासिक ऑपरेशन में भारतीय सेना ने LoC पार किए बिना ही सटीक प्रहार करते हुए लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को तबाह कर दिया था। 22 मिनट तक चले उस ऑपरेशन में 26 मिसाइलों का इस्तेमाल कर मुरिदके और बहावलपुर स्थित आतंकी मुख्यालयों को नेस्तनाबूद किया गया था। उस हार के बाद पाकिस्तानी सेना और आतंकियों में हड़कंप मच गया था।
भारतीय सेना की सतर्कता और भविष्य की चुनौतियां
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की मारक क्षमता का मुकाबला करने में विफल रहने के बाद, पाकिस्तान ने पिछले साल मई के दूसरे सप्ताह में पुंछ और राजौरी सेक्टरों में आम नागरिकों को निशाना बनाकर बौखलाहट दिखाई थी। अब एक बार फिर उसी इलाके में हुई यह गोलाबारी भारतीय सेना की मुस्तैदी की परीक्षा ले रही है। हालांकि, भारतीय सुरक्षा बल किसी भी घुसपैठ को रोकने और सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। पूरे क्षेत्र में निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है। यह स्पष्ट है कि भारत किसी भी कीमत पर अपनी सुरक्षा के साथ समझौता नहीं करेगा और सीमा पर किसी भी तरह के अवैध दखल को कड़ा जवाब दिया जाएगा।
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