Ram Mandir Trust : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर प्रबंधन को अधिक पेशेवर, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। दान गबन मामले के बाद उपजे विवादों के बीच, ट्रस्ट ने अब मंदिर के संचालन हेतु एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण पद के लिए योग्य उम्मीदवार का चयन करने के उद्देश्य से एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस चयन समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और ट्रस्टी सुरेश हावरे को शामिल किया गया है। यह समिति पूरी प्रक्रिया का पर्यवेक्षण करेगी और पात्र व्यक्ति का नाम ट्रस्ट को सुझाएगी।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार
ट्रस्ट की हालिया तीन घंटे लंबी बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है। कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने बताया कि चंपत राय ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है। उनका मानना था कि दान गबन मामले की जांच पूरी होने और दोषियों को सजा मिलने तक उनके पद पर बने रहना उचित नहीं है। ट्रस्ट ने उनके द्वारा राम मंदिर आंदोलन और निर्माण कार्य में दिए गए योगदान की सराहना की है। वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन की कानूनी राय को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट के संविधान के अनुरूप इन इस्तीफों को सर्वसम्मति से मंजूर किया गया।

कृष्ण मोहन संभालेंगे अंतरिम महासचिव की कमान
चंपत राय के इस्तीफे के बाद, ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को तत्काल प्रभाव से अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें मंदिर की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपनी नई टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। कृष्ण मोहन ने स्पष्ट किया है कि उनकी पहली प्राथमिकता मंदिर संचालन में पूरी पारदर्शिता लाना और श्रद्धालुओं के खोए हुए विश्वास को पुनः बहाल करना है। उन्होंने संकल्प लिया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

कीमती वस्तुओं के गायब होने की खबरों का खंडन
ट्रस्ट ने उन सभी अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया है जिनमें मंदिर से कीमती वस्तुएं गायब होने का दावा किया जा रहा था। कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं द्वारा भेंट की गई 2,926 गैर-नकद वस्तुओं का पूरी तरह से रिकॉर्ड मौजूद है। इन वस्तुओं का हर वर्ष एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि ये सभी वस्तुएं सुरक्षित हैं और भ्रामक प्रचार करने वालों को वास्तविकता से अवगत कराया जाना चाहिए।
22 जुलाई को अगली बैठक और एसआईटी जांच की स्थिति
दान गबन मामले की जांच के संबंध में ट्रस्ट ने बताया कि अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो नोटों की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े थे। वर्तमान में एसआईटी (SIT) इस मामले की गहन जांच कर रही है। ट्रस्ट की अगली महत्वपूर्ण बैठक 22 जुलाई को आयोजित होगी, जिसमें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। इसी बैठक में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति और भविष्य की सुरक्षा नीतियों पर भी निर्णय लिए जाएंगे। ट्रस्ट ने दोहराया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।











