Asha Bhosle Death Tribute
Asha Bhosle Death Tribute : भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्णिम अध्याय का आज दुखद अंत हो गया। सुरों की मलिका और पद्म विभूषण से सम्मानित दिग्गज गायिका आशा भोसले ने 92 वर्ष की आयु में इस नश्वर संसार को अलविदा कह दिया। उनके निधन की पुष्टि उनके पुत्र आनंद भोसले, महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार और मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉक्टरों ने की है। इस खबर के सार्वजनिक होते ही न केवल बॉलीवुड, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री से लेकर आम नागरिक तक अपनी प्रिय ‘आशा ताई’ को नम आंखों से विदाई दे रहे हैं।
संगीत की इन दो महान विभूतियों—आशा भोसले और लता मंगेशकर—के जीवन और मृत्यु के बीच एक ऐसा संयोग सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। सुर कोकिला लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी 2022 को 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ था। नियति का खेल देखिए कि ठीक 4 साल बाद, आज 12 अप्रैल 2026 को आशा भोसले ने भी 92 वर्ष की आयु में, उसी रविवार के दिन और उसी ब्रीच कैंडी अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। दोनों बहनों का अस्पताल, उम्र और दिन का एक समान होना प्रशंसकों के लिए किसी दैवीय संकेत से कम नहीं है।
पिछले कुछ दिनों से आशा जी की तबीयत नाजुक बनी हुई थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के बाहर मीडिया से रूबरू होते हुए उनके बेटे आनंद भोसले ने बताया कि सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। शाम 4 बजे मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। डॉ. प्रतीत समदानी के अनुसार, ‘मल्टी ऑर्गन फेलियर’ के कारण आशा जी का निधन हुआ। सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार ने इसे एक युग का अंत बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है।
आशा भोसले का नाम संगीत के इतिहास में सदैव अमर रहेगा। उन्होंने आठ दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहकर अपनी जादुई आवाज से भारतीय सिनेमा को सींचा है। उनके नाम 12 हजार से अधिक गाने गाने का अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है, जो उन्हें दुनिया की सबसे बहुमुखी गायिकाओं में से एक बनाता है। चाहे वो शास्त्रीय संगीत हो, गजल हो, या फिर चुलबुले कैबरे गाने, आशा जी ने हर विधा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी आवाज की रेंज इतनी व्यापक थी कि वे किसी भी उम्र की अभिनेत्री के लिए पूरी सहजता से पार्श्वगायन कर सकती थीं।
आशा जी के गाए गीत आज भी हर पीढ़ी की जुबान पर रहते हैं। ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, और ‘ये मेरा दिल’ जैसे गानों ने जहां युवाओं को थिरकने पर मजबूर किया, वहीं ‘इन आंखों की मस्ती के’ और ‘दिल चीज क्या है’ जैसी गजलों ने उनकी गायकी की गहराई को प्रदर्शित किया। आर.डी. बर्मन के साथ उनकी जोड़ी ने संगीत के क्षेत्र में नए प्रयोग किए जिसने बॉलीवुड को आधुनिक पहचान दी। आज भले ही उनकी भौतिक उपस्थिति समाप्त हो गई है, लेकिन उनकी खनकती आवाज आने वाली कई सदियों तक संगीत प्रेमियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।
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