Maharashtra Politics : महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चर्चाएं जोरों पर हैं कि शरद पवार की एनसीपी (शरद पवार गुट) अपनी भविष्य की राजनीतिक राह को लेकर नई संभावनाएं तलाश रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस में पार्टी के विलय की योजना कमजोर पड़ने के बाद, एनसीपी अब एनडीए (NDA) के साथ हाथ मिलाने के विकल्प पर भी आंतरिक मंथन कर रही है। हालांकि, शरद पवार गुट की ओर से इन तमाम दावों को सिरे से खारिज किया जा रहा है और इन्हें केवल अफवाह बताया गया है।

कांग्रेस में विलय की कोशिशों पर लगा पूर्णविराम?
सूत्रों के अनुसार, एनसीपी (शरद पवार) की तरफ से कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव कम से कम दो बार दिया गया था। कहा जाता है कि जब यह मुद्दा सोनिया गांधी के समक्ष उठा, तो उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से विचार-विमर्श करने की सलाह दी। इसके बाद जब कांग्रेस नेतृत्व ने महाराष्ट्र प्रदेश इकाई की राय मांगी, तो राज्य के अधिकांश नेताओं ने इस विलय का कड़ा विरोध किया। क्षेत्रीय नेताओं के विरोध के चलते कांग्रेस और एनसीपी के विलय की संभावनाएं फिलहाल क्षीण मानी जा रही हैं, जिससे राजनीतिक भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

एनडीए में शामिल होने की अटकलें और दावे
इस बीच, राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है कि पार्टी के कई विधायक और सांसद सत्ता पक्ष यानी भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ जाने के पक्ष में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि पार्टी के कुछ शीर्ष नेता भविष्य में एनडीए का हिस्सा बनकर केंद्र की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। हालांकि, इन अटकलों का कोई आधिकारिक आधार अभी तक सामने नहीं आया है, फिर भी ये चर्चाएं महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से फैल रही हैं।

एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की स्पष्ट सफाई
इन तमाम दावों को खारिज करते हुए एनसीपी (शरद पवार) के युवा नेता रोहित पवार ने इसे पूरी तरह से निराधार और अफवाह करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो पार्टी का कांग्रेस में विलय होने वाला है और न ही एनडीए में शामिल होने या उसे समर्थन देने जैसा कोई विचार है। वहीं, कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने भी इन चर्चाओं को केवल कयास बताया है। उन्होंने विश्वास जताया कि शरद पवार अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता के अनुरूप महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी (MVA) और राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया (INDIA) गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
भाजपा का रुख और अनिश्चित भविष्य
दूसरी ओर, भाजपा ने इन अटकलों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्वागत योग्य संकेत दिए हैं। पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कांग्रेस अब ‘डूबती हुई नाव’ है और यदि शरद पवार की पार्टी देशहित में एनडीए के साथ आना चाहती है, तो उनका स्वागत है। फिलहाल एनसीपी (शरद पवार) ने किसी भी राजनीतिक बदलाव से साफ इनकार किया है। लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति का इतिहास रहा है कि यहाँ समीकरण पल भर में बदल जाते हैं। आने वाले समय में शरद पवार क्या बड़ा कदम उठाते हैं, इस पर पूरे राज्य की नज़रें टिकी हुई हैं।
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