Wayanad Landslide : केरल का वायनाड जिला इस समय एक भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। संसदीय क्षेत्र में हुए भू-स्खलन की घटना के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मंगलवार को जानकारी दी कि आपदा में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री वीडी सतीसन व्यक्तिगत रूप से राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं, जिन्हें सहयोग देने के लिए अब राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक भी पहुंच चुके हैं।

प्रियंका गांधी की अपील: प्रशासन के साथ मिलकर करें सहयोग
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से इस कठिन घड़ी में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि वे जिला प्रशासन और स्थानीय मंत्रियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने यूडीएफ (UDF) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से प्रशासन के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। प्रियंका ने कहा, “जिन्होंने इस हादसे में अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। हम इस दुखद घड़ी में पूरी तरह से आपके साथ खड़े हैं।” उन्होंने लापता लोगों की कुशलता के लिए प्रार्थना करते हुए राहत कार्यों में किसी भी प्रकार का व्यवधान न डालने का आग्रह किया है।

मौसम विभाग का अलर्ट: भारी बारिश ने बढ़ाई चिंता
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वायनाड की स्थिति को देखते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मनंतवाडी और वैथिरी इलाकों में मूसलाधार बारिश ने बचाव कार्यों में चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। दोपहर 12.30 बजे जारी हुए इस अलर्ट के अनुसार, वायनाड में 24 घंटों के भीतर 204 मिमी से अधिक बारिश होने की आशंका है। पड़ोसी जिले कोझिकोड के लिए भी ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि मलप्पुरम, कन्नूर और कासरगोड में ‘ऑरेंज अलर्ट’ है। वैथिरी में दर्ज की गई 123 मिमी बारिश ने स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने दी पुष्टि: मौतों और लापता लोगों का ब्योरा
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने दुखद रूप से एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि की है। इसके अतिरिक्त, सात लोगों को घायल अवस्था में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि सात अन्य व्यक्तियों के लापता होने की सूचना है। प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन की चपेट में आई सुरंग परियोजना स्थल पर कोई मजदूर नहीं था, लेकिन मलबे में फंसे लोगों के इंजीनियर और सुरक्षाकर्मी होने की आशंका जताई जा रही है।
बचाव अभियान की प्राथमिकता: मलबे में फंसे लोगों की तलाश
प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता उन लोगों को खोजना है जो अभी भी लापता हैं। बचाव दल पूरी तत्परता के साथ मलबे को हटाने का कार्य कर रहे हैं ताकि लापता व्यक्तियों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही हैं। यह आपदा न केवल वायनाड के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
Read more : UP Politics : CM योगी का विपक्ष पर हमला, वक्फ मुद्दे पर सपा और कांग्रेस से पूछे तीखे सवाल












