Trump Iran War : अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव थमने के बजाय लगातार गहराता जा रहा है। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण हालात के बीच अमेरिका ने मंगलवार को एक बार फिर ईरान को निशाना बनाकर हमला किया। इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए ईरान को लेकर कई बड़े दावे किए। ट्रंप ने कहा कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का लगभग पूरी तरह नियंत्रण हो चुका है।
ट्रंप का दावा, होर्मुज पर अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण
ट्रंप ने अपने पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगभग पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों और लगाए गए प्रतिबंधों का ईरान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है और उसकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।
तेहरान के साथ बातचीत को लेकर ट्रंप का अलग रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एबीसी न्यूज की उस रिपोर्ट को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने इस दावे से इनकार करते हुए कहा कि उनकी ईरान को किसी समझौते के लिए मजबूर करने में कोई विशेष रुचि नहीं है।
बोले- ईरान के साथ समझौते में दिलचस्पी नहीं
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि वह ईरान को बातचीत के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं। उन्होंने एबीसी की रिपोर्ट को फेक न्यूज बताते हुए कहा कि अगर ईरान ऐसा कोई समझौता करता है, जो उसके लिए उपयोगी नहीं है, तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। ट्रंप के मुताबिक, उन्हें मौजूदा परिस्थितियां अधिक पसंद हैं, क्योंकि उनके दावे के अनुसार अमेरिका होर्मुज पर लगभग पूरा नियंत्रण हासिल कर चुका है।
ईरानी अर्थव्यवस्था पर भी ट्रंप का बड़ा दावा
ट्रंप ने आगे दावा किया कि मौजूदा सैन्य कार्रवाई और प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ढहने की स्थिति में पहुंच रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ईरान की जनता कब मौजूदा हालात के खिलाफ खड़ी होगी और संघर्ष करेगी। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर सैन्य और आर्थिक दबाव बनाए रखने के पक्ष में है।
होर्मुज को लेकर दोनों देशों के दावे अलग
फरवरी में दोनों देशों के बीच टकराव शुरू होने के बाद से ट्रंप कई बार यह दावा कर चुके हैं कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। हालांकि, ईरान ने लगातार इन दावों को खारिज किया है। तेहरान का कहना है कि यह रणनीतिक समुद्री मार्ग अब भी ईरान के नियंत्रण में है। इस तरह होर्मुज को लेकर दोनों देशों के दावों में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है।
ईरान ने अमेरिकी हमले का किया पलटवार
मंगलवार को अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई किए जाने का दावा किया गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने कहा कि उसने जॉर्डन के अकाबा क्षेत्र के पास स्थित एक सैन्य ठिकाने में अमेरिकी मरीन के कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया।
IRGC ने अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का किया दावा
IRGC की ओर से दावा किया गया कि मिसाइल हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए। हालांकि, ईरानी पक्ष के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। ऐसे में हमले से हुए वास्तविक नुकसान और अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
संघर्ष लंबा खिंचने से बढ़ी वैश्विक चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हो रहे हमलों से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका है। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे इस संघर्ष के रणनीतिक महत्व को बढ़ाते हैं। यदि सैन्य टकराव इसी तरह जारी रहता है, तो इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित रहने के बजाय व्यापक क्षेत्रीय परिस्थितियों पर भी पड़ सकता है।
Read More : Chhattisgarh DMF Scam: ED ने कारोबारी सतपाल सिंह छाबड़ा को किया गिरफ्तार, 31 करोड़ कमीशन का आरोप