Raipur Nude Party: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित की जाने वाली न्यूड पार्टी के संदिग्ध आयोजकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस विवादित कार्यक्रम ने न केवल सामाजिक बल्कि राजनीतिक हलकों में भी सनसनी मचा दी है। अब पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि पार्टी के आयोजन और इसके पीछे की साजिश का पर्दाफाश किया जा सके। न्यूड पार्टी का विवादित पोस्टर हुआ वायरल 21 सितंबर को रायपुर में एक न्यूड पार्टी आयोजित करने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्टर्स वायरल हुए, जिसमें पार्टी का समय शाम 4 बजे से लेकर देर रात तक बताया गया था। इस पार्टी में शामिल होने के लिए एंट्री फीस 40 हजार रुपये निर्धारित की गई थी। इस फीस में रात भर रूम में रहने की भी सुविधा बताई गई थी। पोस्टर के वायरल होते ही स्थानीय जनता और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी विवाद खड़ा हो गया। राजनीति और पुलिस की सक्रियता पार्टी को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई, जिससे रायपुर पुलिस को इस मामले में कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू की और संदिग्ध आयोजकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि यह पार्टी समाज के नैतिक मूल्यों के खिलाफ है और इस मामले में जुड़ी सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। हिरासत में लिए गए संदिग्ध पुलिस ने शनिवार को दिनभर की जांच के बाद इस न्यूड पार्टी के संदिग्ध आयोजकों को हिरासत में लिया। जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनमें हाइपर क्लब के मैनेजर जेम्स बैक, संतोष जेवानी, अजय महापात्र, एसएस गुप्ता, टीनू सिंह और देवेंद्र शामिल हैं। इनके खिलाफ अपरिचित ग्रुप चलाने और इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने का संदेह है। पुलिस इन सभी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि पार्टी का आयोजन किस मकसद से किया गया था और इसमें कौन-कौन शामिल था। आगामी कार्रवाई रायपुर पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह की आपत्तिजनक और अनैतिक गतिविधियों से दूर रहें और यदि ऐसी कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। रायपुर में न्यूड पार्टी का आयोजन न केवल कानून के दायरे में प्रश्न चिन्ह लगाता है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ भी है। पुलिस की कड़ी कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि राज्य में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता और अनैतिक गतिविधि के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि समाज को सुरक्षित और संरक्षित रखा जा सके। Read More: Vice President Oath Ceremony: उपराष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी क्यों नहीं हुए शामिल? टीएस सिंह देव ने बताई वजह
















