GST Reforms 2025: केंद्र सरकार ने टैक्स प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए GST 2.0 को आज से लागू कर दिया है। यह नया ढांचा नवरात्रि के पहले दिन से प्रभावी हो गया है, जिसका मकसद आम जनता को महंगाई से राहत देना और टैक्स सिस्टम को ज्यादा सरल और किफायती बनाना है।

इस नए स्लैब सिस्टम के तहत आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स घटाया गया है, जबकि लक्जरी और हानिकारक उत्पादों पर टैक्स दरें बढ़ाई गई हैं।

क्या हुआ सस्ता?
1. रसोई से जुड़ी जरूरी चीजें:
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खाद्य तेल, आटा, घी, चीनी, पास्ता और बिस्कुट अब सस्ते मिलेंगे।
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UHT दूध, पनीर और रेडी टू ईट रोटी, पराठा जैसे प्रोडक्ट्स पर अब 0% GST लगेगा।
2. बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री:
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पेंसिल, नोटबुक, चार्ट, लैब नोटबुक और ग्लोब जैसे शैक्षिक प्रोडक्ट्स पूरी तरह GST फ्री हो गए हैं।
3. घरेलू सामान और पर्सनल केयर:
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साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, शेविंग क्रीम, किचनवेयर, बच्चों की दूध की बोतल, नैपकिन और हैंडबैग पर अब सिर्फ 5% GST लगेगा।
4. हेल्थ सेक्टर में राहत:
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33 जीवनरक्षक दवाइयों और हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर 0% GST।
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थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर और मेडिकल ऑक्सीजन पर 5% GST।
5. वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स:
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TV (LCD/LED), एसी, वॉशिंग मशीन, ट्रैक्टर, तिपहिया वाहन और 350cc से कम मोटरसाइकिल अब 18% GST स्लैब में हैं, जो पहले महंगे थे।
क्या हुआ महंगा?
1. लक्जरी गाड़ियां और बड़ी बाइक्स:
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350cc से ज्यादा की बाइक्स, बड़ी SUV और रेसिंग कारों पर अब 40% टैक्स लगेगा (पहले 28%)।
2. मनोरंजन और सट्टेबाजी:
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कैसीनो, रेस क्लब, ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी पर GST 28% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।
3. हानिकारक उत्पाद:
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सिगरेट, तंबाकू उत्पाद, सिगार और एनर्जी ड्रिंक्स जैसे कैफीनयुक्त व कार्बोनेटेड पेय अब महंगे होंगे, इन पर भी 40% टैक्स लागू होगा।
सरकार का मकसद क्या है?
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह बदलाव महंगाई पर नियंत्रण और टैक्स संग्रह बढ़ाने की दिशा में एक संतुलित प्रयास है। आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स घटाकर आम लोगों को राहत देने की कोशिश की गई है, जबकि विलासिता और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक चीजों पर टैक्स बढ़ाकर उपभोग में कटौती लाने का प्रयास है।
GST 2.0 के तहत जहां एक ओर आम जनता को रोजमर्रा के सामान में सस्ता दाम देखने को मिलेगा, वहीं लक्जरी पसंद करने वालों की जेब थोड़ी ढीली हो सकती है। इस टैक्स रिफॉर्म से सरकार को राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी और उपभोक्ताओं को ज्यादा पारदर्शी और सरल टैक्स व्यवस्था मिलेगी।
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