Sonam Wangchuk Arrest: प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है और आरोप लगाया है कि यह गिरफ्तारी “लद्दाख की जनता की आवाज दबाने और सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने” के लिए की गई है। दो दिन पहले हुआ था लेह में हिंसक प्रदर्शन गौरतलब है कि लद्दाख को छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के तहत विशेष दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। बुधवार को यह प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। इसी के दो दिन बाद शुक्रवार को वांगचुक को उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे। केजरीवाल का हमला – ‘तानाशाही की चरम सीमा’ आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वांगचुक की गिरफ्तारी को “तानाशाही” करार देते हुए लिखा,“रावण का अंत भी हुआ था, कंस का अंत भी हुआ था, हिटलर-मुसोलिनी का भी हुआ था। आज उन्हें दुनिया घृणा से देखती है। भारत में आज तानाशाही अपने चरम पर है। तानाशाही और अहंकार का अंत बहुत बुरा होता है।” उमर अब्दुल्ला का आरोप – वादों से पीछे हटी केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी वांगचुक की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा,“केंद्र सरकार ने लद्दाख के लोगों से किए गए वादों से पीछे हटने का फैसला पहले ही कर लिया था। अब जो हो रहा है, वह उसी का नतीजा है।” कांग्रेस का तीखा प्रहार – ‘लद्दाख में लोकतंत्र का अंत’ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक लंबी पोस्ट में लिखा कि बीजेपी सरकार वांगचुक की गिरफ्तारी के जरिए लद्दाख में अपनी विफलता से ध्यान भटका रही है।”2020 के लेह हिल काउंसिल चुनावों में भाजपा ने लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा देने का वादा किया था। अब वह न केवल उस वादे से पीछे हट गई है, बल्कि पूरे लद्दाख में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।” गृह मंत्रालय का जवाब – ‘भड़काऊ बयान जिम्मेदार’ केंद्र सरकार की ओर से गृह मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए वांगचुक पर “भड़काऊ बयान” देने का आरोप लगाया है, जिससे लेह में हिंसा भड़की। वहीं, वांगचुक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए हिंसा की निंदा की और अपने दो सप्ताह लंबे उपवास को समाप्त कर दिया। इंटरनेट सेवा बंद वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लेह में इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं, जिससे वहां जनजीवन प्रभावित हो गया है।सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी ने लद्दाख की राजनीति को नए सिरे से गरमा दिया है। विपक्षी दल इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं, वहीं सरकार इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने की ज़रूरत बता रही है। Read More: Donald Trump Statement: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया बयान: टायलिनॉल, हेपेटाइटिस और वैक्सीन को लेकर दी नई सलाह
















