India Pakistan cricket : एशिया कप 2023 के फाइनल मुकाबले में भारत-पाकिस्तान के बीच जब रोमांच चरम पर था, वहीं लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और उनके पाकिस्तान दौरे को लेकर राजनीति भी गर्म हो गई। इस बीच, जेल में बंद वांगचुक की पत्नी गीताांजलि अंगमो ने सोशल मीडिया पर तगड़ा बयान देकर देश-विदेश में चर्चा छेड़ दी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भारत और पाकिस्तान क्रिकेट जैसे बड़े आयोजन में आमने-सामने हो सकते हैं, तो क्यों सोनम वांगचुक को पाकिस्तान जाकर संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाती?

पत्नी ने दिया जवाब: दौरा था पेशेवर और जलवायु-केंद्रित
गीताांजलि अंगमो ने स्पष्ट किया कि वांगचुक का पाकिस्तान दौरा पूरी तरह से पेशेवर था और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित था। उन्होंने कहा, “हमने संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित एक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन ‘ब्रीद पाकिस्तान’ में भाग लिया था, जहां वांगचुक ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की।” उन्होंने आगे बताया कि इस सम्मेलन का आयोजन संयुक्त राष्ट्र पाकिस्तान और डॉन मीडिया ने किया था, जिसमें बहुराष्ट्रीय सहयोग के तहत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल थे।

पुलिस प्रमुख के आरोपों पर पलटवार
इससे पहले लद्दाख यूटी पुलिस प्रमुख एसडी सिंह जमवाल ने आरोप लगाए थे कि सोनम वांगचुक के पाकिस्तान से संदिग्ध संबंध हो सकते हैं। उन्होंने इस साल फरवरी में वांगचुक के पाकिस्तान दौरे का हवाला दिया था। इस आरोप पर गीताांजलि ने साफ कहा कि उनके पति की सभी विदेश यात्राएं प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के निमंत्रण पर होती हैं और उनका मकसद केवल हिमालय क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों को समझना है।
हिमालय और जलवायु परिवर्तन: देश-सीमाओं से ऊपर का मुद्दा
अंगमो ने कहा, “हिमालय की चोटी पर स्थित ग्लेशियर यह नहीं देखेगा कि मैं पाकिस्तान में बह रहा हूं या भारत में।” उनका यह बयान हिमालय क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन की वैश्विक और सीमा-रहित प्रकृति को रेखांकित करता है। वे बताती हैं कि यह क्षेत्र आठ हिंदू कुश देशों — भारत, पाकिस्तान, नेपाल, अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, चीन और म्यांमार — का साझा खजाना है, जहां सामूहिक प्रयास की जरूरत है।
ICIMOD और हिमालयन यूनिवर्सिटी कंसोर्टियम की भूमिका
गीताांजलि ने बताया कि वांगचुक ICIMOD (अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र) के हिमालयन यूनिवर्सिटी कंसोर्टियम का हिस्सा हैं। ICIMOD नेपाल-आधारित एक संगठन है जो 1983 में स्थापित हुआ और यह क्षेत्रीय देशों के बीच पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के लिए काम करता है। ICIMOD के माध्यम से सभी आठ हिंदू कुश देशों के बीच सहयोग स्थापित होता है, जिससे क्षेत्रीय समृद्धि और पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित हो।
पीएम मोदी की तारीफ भी की थी सोनम ने
सोशल मीडिया पर गीताांजलि ने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें सोनम वांगचुक जलवायु परिवर्तन पर बोलते हुए नजर आ रहे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना कर रहे थे। यह साबित करता है कि उनका पाकिस्तान दौरा शांति, सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर था, न कि किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा।
गीताांजलि अंगमो का यह बयान राजनीतिक आरोपों को चुनौती देने के साथ ही यह संदेश भी देता है कि सीमा-राजनीति के पार उठकर वैश्विक मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन पर सहयोग जरूरी है। जैसे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच खेल सकते हैं, वैसे ही आम नागरिकों और कार्यकर्ताओं को भी संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर शांति और विकास के लिए काम करने की अनुमति मिलनी चाहिए।
Read More : Tilak Varma vs PAK: टीम इंडिया की जीत का तिलक, पाकिस्तान के लिए बैड लक, भारत को बनाया चैंपियन











