Greater Noida News: CBI-ED के नाम पर बिल्डरों से वसूली: नोएडा STF ने ब्लैकमेलिंग गैंग का किया भंडाफोड़

Greater Noida News: दिल्ली-एनसीआर के नामी बिल्डरों और उद्यमियों को CBI, ED और अन्य जांच एजेंसियों के नाम पर ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपये की वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हो गया है। यूपी एसटीएफ (नोएडा यूनिट) ने इस गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अंकुर गुप्ता, नरेंद्र धवन और हरनाम धवन के रूप में हुई है। ये सभी दिल्ली के रहने वाले हैं। ऐसे होता था ब्लैकमेलिंग का खेल एसटीएफ के अनुसार, गिरोह का मास्टरमाइंड अंकुर गुप्ता है, जो पहले कपड़े का व्यापारी था। व्यापार में घाटे और कर्ज के चलते उसने अपराध की राह पकड़ ली। उसने पत्रकारों और फ्रीलांसर्स को अपने साथ मिलाकर एक नेटवर्क तैयार किया। ये लोग टारगेटेड बिल्डर्स या व्यापारियों के खिलाफ CBI, ED, इनकम टैक्स, रेरा जैसी एजेंसियों में फर्जी शिकायतें दर्ज कराते थे। इसके बाद यूट्यूब चैनलों और छोटे अखबारों के जरिये इन मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता था। मीडिया के जरिये दबाव पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नरेंद्र धवन और उसका बेटा हरनाम ‘दिल्ली अपटूडेट’ नाम से यूट्यूब चैनल और प्रिंट अखबार भी चलाते थे। इन्हीं प्लेटफॉर्म्स के जरिये शिकायतों को मीडिया कवरेज का रूप दिया जाता था और सोशल मीडिया पर प्रचार कर टारगेट को बदनाम करने की धमकी दी जाती थी। 15 करोड़ की रंगदारी मांग इस गिरोह ने नोएडा और गाजियाबाद के एक बड़े बिल्डर से 15 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। बिल्डर के असमर्थता जताने पर यह रकम घटाकर 5 करोड़ की गई। अब तक गिरोह 5 लाख रुपये से ज्यादा वसूल भी चुका था। एसटीएफ की कार्रवाई से पहले आरोपी शेष रकम के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। किन्हें बनाया गया था निशाना? गिरोह ने कई बड़े प्रोजेक्ट्स और बिल्डर्स को टारगेट किया था, जिनमें शामिल हैं: Unity Group – The Amaryllis (करोल बाग, दिल्ली) Shipra और Saya Builders (गाजियाबाद) Harmony Project (इंदिरापुरम) Keshavkunj Project (ग्रेटर नोएडा) क्या बरामद हुआ? गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ ने आरोपियों के पास से ₹62,720 नकद, चार मोबाइल फोन, एक अमेरिकी डॉलर, फर्जी आधार कार्ड और 17 डाक रसीदें बरामद की हैं। हरनाम धवन पर पहले से ही वर्ष 2021 में दर्ज रेप केस में जेल जा चुका है। नोएडा एसटीएफ की इस कार्रवाई ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो जांच एजेंसियों के नाम पर बिल्डरों को मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा था। यह मामला न केवल बिल्डर्स के लिए चेतावनी है, बल्कि मीडिया और पत्रकारिता के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की भी कड़ी निंदा का विषय है। Read More: Rahul Gandhi Ladakh: राहुल गांधी ने PM मोदी पर लगाया लद्दाख के लोगों के साथ धोखा करने का आरोप, लेह में गोलीबारी की न्यायिक जांच की मांग

Greater Noida News: दिल्ली-एनसीआर के नामी बिल्डरों और उद्यमियों को CBI, ED और अन्य जांच एजेंसियों के नाम पर ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपये की वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हो गया है। यूपी एसटीएफ (नोएडा यूनिट) ने इस गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अंकुर गुप्ता, नरेंद्र धवन और हरनाम धवन के रूप में हुई है। ये सभी दिल्ली के रहने वाले हैं।

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ऐसे होता था ब्लैकमेलिंग का खेल

एसटीएफ के अनुसार, गिरोह का मास्टरमाइंड अंकुर गुप्ता है, जो पहले कपड़े का व्यापारी था। व्यापार में घाटे और कर्ज के चलते उसने अपराध की राह पकड़ ली। उसने पत्रकारों और फ्रीलांसर्स को अपने साथ मिलाकर एक नेटवर्क तैयार किया। ये लोग टारगेटेड बिल्डर्स या व्यापारियों के खिलाफ CBI, ED, इनकम टैक्स, रेरा जैसी एजेंसियों में फर्जी शिकायतें दर्ज कराते थे। इसके बाद यूट्यूब चैनलों और छोटे अखबारों के जरिये इन मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता था।

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मीडिया के जरिये दबाव

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नरेंद्र धवन और उसका बेटा हरनाम ‘दिल्ली अपटूडेट’ नाम से यूट्यूब चैनल और प्रिंट अखबार भी चलाते थे। इन्हीं प्लेटफॉर्म्स के जरिये शिकायतों को मीडिया कवरेज का रूप दिया जाता था और सोशल मीडिया पर प्रचार कर टारगेट को बदनाम करने की धमकी दी जाती थी।

15 करोड़ की रंगदारी मांग

इस गिरोह ने नोएडा और गाजियाबाद के एक बड़े बिल्डर से 15 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। बिल्डर के असमर्थता जताने पर यह रकम घटाकर 5 करोड़ की गई। अब तक गिरोह 5 लाख रुपये से ज्यादा वसूल भी चुका था। एसटीएफ की कार्रवाई से पहले आरोपी शेष रकम के लिए लगातार दबाव बना रहे थे।

किन्हें बनाया गया था निशाना?

गिरोह ने कई बड़े प्रोजेक्ट्स और बिल्डर्स को टारगेट किया था, जिनमें शामिल हैं:

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  • Unity Group – The Amaryllis (करोल बाग, दिल्ली)

  • Shipra और Saya Builders (गाजियाबाद)

  • Harmony Project (इंदिरापुरम)

  • Keshavkunj Project (ग्रेटर नोएडा)

क्या बरामद हुआ?

गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ ने आरोपियों के पास से ₹62,720 नकद, चार मोबाइल फोन, एक अमेरिकी डॉलर, फर्जी आधार कार्ड और 17 डाक रसीदें बरामद की हैं। हरनाम धवन पर पहले से ही वर्ष 2021 में दर्ज रेप केस में जेल जा चुका है।

नोएडा एसटीएफ की इस कार्रवाई ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो जांच एजेंसियों के नाम पर बिल्डरों को मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा था। यह मामला न केवल बिल्डर्स के लिए चेतावनी है, बल्कि मीडिया और पत्रकारिता के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की भी कड़ी निंदा का विषय है।

Read More: Rahul Gandhi Ladakh: राहुल गांधी ने PM मोदी पर लगाया लद्दाख के लोगों के साथ धोखा करने का आरोप, लेह में गोलीबारी की न्यायिक जांच की मांग

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