Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की हलचल के बीच एक नया नाम सुर्खियों में है — दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की ममेरी बहन दिव्या गौतम। वे अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रही हैं और पटना जिले की दीघा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुकी हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें महागठबंधन समर्थित भाकपा-माले (CPIML) का उम्मीदवार बनाया गया है।दिव्या गौतम 15 अक्टूबर को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। इससे पहले ही सोशल मीडिया पर उनका नामांकन संबंधित एक पोस्टर वायरल हो गया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सीट बंटवारे से पहले ही वायरल हुआ पोस्टर महागठबंधन में अब तक सीटों का औपचारिक बंटवारा नहीं हुआ है, लेकिन 181-दीघा विधानसभा सीट से दिव्या गौतम की उम्मीदवारी और नामांकन कार्यक्रम से जुड़ा पोस्टर इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। इस पोस्टर में उन्हें “INDIA गठबंधन समर्थित भाकपा-माले प्रत्याशी” बताया गया है।इस पोस्टर के सामने आने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या महागठबंधन में अंदरूनी सहमति बन गई है या फिर सीट बंटवारे से पहले ही उम्मीदवारों के चयन से कुछ अंतर्कलह की स्थिति बन सकती है। कौन हैं दिव्या गौतम? दिव्या गौतम केवल एक अभिनेता की बहन नहीं हैं, बल्कि एक शिक्षित, जागरूक और संघर्षशील महिला के रूप में उनकी पहचान रही है। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय के पटना कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है।कॉलेज के समय से ही वे छात्र राजनीति में सक्रिय रहीं। वर्ष 2012 में उन्होंने छात्र संगठन AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की ओर से पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ (PUSU) का चुनाव लड़ा और दूसरे स्थान पर रहीं।इसके बाद उन्होंने 64वीं बीपीएससी परीक्षा पास कर आपूर्ति निरीक्षक पद के लिए चयनित हुईं, लेकिन उन्होंने वह नौकरी स्वीकार नहीं की। वर्तमान में वह पीएचडी कर रही हैं और यूजीसी-नेट (UGC-NET) क्वालिफाइड हैं। राजनीति में दिव्या की भूमिका दिव्या गौतम की राजनीति में एंट्री को भावनात्मक और सामाजिक जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। सुशांत सिंह राजपूत की असामयिक मृत्यु के बाद जो न्याय की आवाज़ देशभर में उठी, उस दौरान दिव्या भी सामाजिक न्याय और जागरूकता की समर्थक के रूप में सामने आई थीं। अब वे उसी सोच को राजनीतिक मंच पर लाने का प्रयास कर रही हैं। दिव्या गौतम की दीघा सीट से चुनावी एंट्री बिहार की राजनीति में नई बहस और उत्सुकता को जन्म दे रही है। शिक्षित, युवा और सामाजिक रूप से सक्रिय चेहरा होने के नाते उनकी उम्मीदवारी महागठबंधन के लिए भी एक मजबूत दांव मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि दीघा की जनता दिव्या को कितना समर्थन देती है और क्या वे इस बार जीत की मंज़िल तक पहुंच पाती हैं। Read More : FIFA World Cup 2022: “अर्जेंटीना ही था विजेता का असली हकदार” – वर्ल्ड कप हार के तीन साल बाद बोले किलियन एम्बाप्पे

















