NEET UG 2026: नीट री-एग्जाम के नियमों में बड़ा बदलाव, अब मिलेगा ज्यादा समय

NEET UG 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) री-एग्जाम की तैयारियां पूरी मुस्तैदी से शुरू कर दी हैं। पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित होने जा रही इस परीक्षा को पारदर्शी और छात्र-अनुकूल बनाने के लिए NTA ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत बदलावों की घोषणा की है। इन सुधारों के अंतर्गत परीक्षा की कॉपी के लेआउट से लेकर समय-सीमा तक में फेरबदल किया गया है। NTA का मानना है कि इन बदलावों से अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल में बेहतर माहौल मिलेगा और वे बिना किसी मानसिक तनाव के अपना पेपर हल कर सकेंगे। हालांकि, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये नए नियम भविष्य में होने वाली सभी नीट परीक्षाओं पर भी लागू होंगे या इन्हें केवल आगामी री-एग्जाम तक ही सीमित रखा जाएगा।

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नीट री-एग्जाम की मुख्य वजह और परीक्षा की नई तिथि

गौरतलब है कि NTA द्वारा नीट यूजी 2026 परीक्षा का आयोजन देश भर में 3 मई को किया गया था। परीक्षा के सुचारू संचालन के बाद 6 मई को इसकी प्रोविजनल आंसर-की (Provisional Answer Key) भी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी गई थी। लेकिन इसी दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से पेपर लीक होने और अनियमितताओं की खबरें सामने आने लगीं। छात्रों के कड़े विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने नीट यूजी परीक्षा 2026 को पूरी तरह रद्द करने का फैसला किया। वर्तमान में इस पूरे पेपर लीक मामले की गहन जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। इस बीच, प्रभावित उम्मीदवारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए NTA ने परीक्षा को दोबारा आयोजित करने का फैसला किया है और अब 21 जून को नीट री-एग्जाम का आयोजन प्रस्तावित किया गया है।

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कॉपी के लेआउट और डिजाइन में बड़ा बदलाव

NTA ने परीक्षार्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर पुस्तिका यानी एग्जाम कॉपी के पारंपरिक लेआउट में अमूलचूल परिवर्तन किया है। अब तक की व्यवस्था के अनुसार, अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान रफवर्क करने के लिए काफी सीमित स्थान मिलता था, जिससे भौतिकी (Physics) और रसायन विज्ञान (Chemistry) के न्यूमेरिकल हल करने में भारी परेशानी होती थी। छात्रों की इसी समस्या को दूर करने के लिए अब कॉपी में रफवर्क के पेजों की संख्या को सीधे दोगुना कर दिया गया है। उम्मीदवारों को अब रफवर्क के लिए केवल दो पृष्ठों के स्थान पर कुल 4 पूरे पेज दिए जाएंगे। इस कदम से छात्रों को गणना करने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी और उन्हें बार-बार लिखे हुए को काटने या छोटे अक्षरों में लिखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बाएं हाथ के परीक्षार्थियों की सुविधा का रखा गया विशेष ध्यान

कॉपी के डिजाइन में किए गए इस बदलाव के पीछे एक बेहद संवेदनशील और व्यावहारिक सोच शामिल है। पुराने नियम के तहत रफवर्क के सभी पेज हमेशा मुख्य प्रश्न पत्र या कॉपी के बिल्कुल अंत में दिए जाते थे। NTA को मिले फीडबैक से यह बात सामने आई कि यह पुरानी व्यवस्था कई छात्रों के लिए, विशेषकर बाएं हाथ से लिखने वाले (Left-handed) उम्मीदवारों के लिए काफी असुविधाजनक साबित होती थी। उन्हें बार-बार पन्ने पलटने में समय और एकाग्रता का नुकसान उठाना पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए नए डिजाइन के तहत 4 पेजों को विभाजित कर दिया गया है। अब दो रफवर्क पेज कॉपी की शुरुआत में, यानी निर्देश पृष्ठ (Instruction Page) के ठीक बाद जोड़े गए हैं, जबकि शेष दो रफवर्क पेज हमेशा की तरह कॉपी के बिल्कुल आखिरी हिस्से में उपलब्ध रहेंगे।

द्विभाषी संस्करणों में समान रूप से लागू होगी नई व्यवस्था

एजेंसी ने इस बात को पूरी तरह स्पष्ट किया है कि कॉपी के डिजाइन से जुड़ा यह नया लेआउट किसी एक भाषा तक सीमित नहीं रहेगा। यह क्रांतिकारी बदलाव प्रश्न पत्र के अंग्रेजी (English) और सभी क्षेत्रीय भाषाओं (Regional Languages) के संस्करणों में समान रूप से शामिल किया गया है। इसका सीधा लाभ यह होगा कि देश के किसी भी कोने से परीक्षा देने वाले छात्र, चाहे वे किसी भी भाषाई माध्यम से जुड़े हों, अपनी व्यक्तिगत सुविधा के अनुसार शुरुआत या अंत के किसी भी रफवर्क पेज का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सकेंगे। NTA का यह कदम भाषाई स्तर पर सभी छात्रों को समानता का अवसर प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।

NEET पेपर हल करने के लिए अब मिलेंगे कुल 195 मिनट

समय प्रबंधन को लेकर भी NTA ने छात्रों को एक बहुत बड़ी राहत दी है। अब नीट री-एग्जाम को हल करने के लिए उम्मीदवारों को कुल 195 मिनट का समय दिया जाएगा। इसका मतलब है कि सामान्य परीक्षा अवधि की तुलना में छात्रों को इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। NTA के अनुसार, पिछले कई वर्षों से छात्रों और विशेषज्ञों की तरफ से यह निरंतर फीडबैक मिल रहा था कि परीक्षा के दौरान कुछ अनिवार्य औपचारिकताओं के कारण उनका मुख्य समय बर्बाद हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा का समय बढ़ाकर 195 मिनट किया गया है। यह री-एग्जाम दोपहर 2:00 बजे से शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक संचालित किया जाएगा।

अतिरिक्त 15 मिनट देने के पीछे का मुख्य उद्देश्य

NTA ने साफ किया है कि इस अतिरिक्त 15 मिनट के समय को देने का उद्देश्य छात्रों पर से समय के दबाव को कम करना है। परीक्षा शुरू होने के बाद कक्षा के भीतर कई तरह की अनिवार्य प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं, जैसे कि उपस्थिति पत्रक (Attendance Sheet) पर हस्ताक्षर करना, बायोमेट्रिक सत्यापन, एडमिट कार्ड की जांच और निरीक्षकों (Invigilators) द्वारा की जाने वाली अन्य आवश्यक निरीक्षण औपचारिकताएं। इन सभी प्रशासनिक कार्यों में छात्रों के कीमती मिनट खर्च हो जाते थे, जिससे वे पूरे प्रश्न हल नहीं कर पाते थे। अब इस अतिरिक्त समय के जुड़ जाने से छात्र बिना किसी हड़बड़ाहट के अपनी औपचारिकताएं भी पूरी कर सकेंगे और उन्हें पूरे तीन घंटे का शुद्ध समय अपना पेपर शांतिपूर्वक हल करने के लिए मिल सकेगा।

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Chandan Das

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