Khan Sir Controversy : पटना के चर्चित कोचिंग संचालक ‘खान सर’ (फैजल खान) के कोचिंग सेंटर में हुई तोड़-फोड़ और विवाद के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। इस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद को आखिरकार अदालत से जमानत मिल गई है। जेल से बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने मीडिया के सामने आकर अपने विरोधियों पर तीखे हमले किए। उन्होंने भावुक और आक्रोशित होते हुए आरोप लगाया कि उन्हें एक सोची-समझी गहरी साजिश के तहत फंसाया गया था, ताकि उन्हें रास्ते से हटाया जा सके।

भाई की हत्या को बताया सोची-समझी साजिश का हिस्सा
रौशन आनंद ने अपनी गिरफ्तारी और जेल जाने की अवधि के दौरान घटित हुई एक बेहद दुखद घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वे जेल में बंद थे, तब उनके भाई की निर्मम हत्या कर दी गई। रौशन आनंद के मुताबिक, “जब तक मैं बाहर था, तब तक मेरे भाई को किसी ने हाथ भी नहीं लगाया। लेकिन जैसे ही मुझे साजिश के तहत जेल भेजा गया, पीछे से मेरे भाई की जान ले ली गई।” उन्होंने इस पूरी घटना के लिए सीधे तौर पर फैजल खान (खान सर) और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आरएस प्रसाद को जिम्मेदार ठहराया है।

फायरिंग को लेकर खान सर के दावों पर उठाए सवाल
कोचिंग परिसर में हुई हिंसा और गोलीबारी की घटना पर बोलते हुए ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर ने कहा कि फैजल खान ने पुलिस और मीडिया के सामने सफेद झूठ बोला है। उन्होंने दावा किया कि उनकी तरफ से कोई फायरिंग नहीं की गई थी। रौशन आनंद ने कहा, “CCTV फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि गोलीबारी किसने की थी। वीडियो साक्ष्य बताते हैं कि फायरिंग फैजल खान की तरफ से करवाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया है और वे खुलेआम घूम रहे हैं।”
पटना पुलिस की कार्यप्रणाली और राजनीतिक दबाव पर घेरा
रौशन आनंद ने पटना पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि आखिर किस नेता या राजनीतिक दबाव के कारण फैजल खान को बचाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि जब फैजल खान के खिलाफ नामजद मामला दर्ज हुआ था, तो पुलिस के पास कार्रवाई के लिए 48 से 72 घंटे का पर्याप्त समय था, फिर भी ढिलाई बरती गई। रौशन आनंद ने आशंका जताई कि जिस तरह उनके भाई की हत्या कराई गई, उसी तरह फैजल खान उनकी भी हत्या करवा सकता है। इस खतरे को देखते हुए उन्होंने पटना पुलिस से तुरंत सुरक्षा की मांग की है।
बिहार सरकार से की सीबीआई जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग
न्याय की गुहार लगाते हुए रौशन आनंद ने कहा कि उन्हें बिहार की डबल इंजन सरकार पर पूरा भरोसा है और वे अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनके भाई की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए। इसके साथ ही उन्होंने एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर बिहार में अपने भाई का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की भी मांग की। उन्होंने खान सर पर निशाना साधते हुए कहा कि वह शिक्षक कहलाने के लायक नहीं है, बल्कि एक गुंडा और षड्यंत्रकारी है जिसने हमेशा छात्रों को छला है।

समझौते का दबाव न मानने पर भुगतना पड़ा अंजाम
रौशन आनंद ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि उन पर मामले को रफा-दफा करने और समझौता करने का भारी दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने बताया, “13 तारीख को मुझसे कई बार मैनेज करने को कहा गया और धमकी दी गई कि अगर समझौता नहीं किया तो बुरा अंजाम भुगतना पड़ेगा। मेरे मना करने के बाद उसी रात मेरे भाई की हत्या कर दी गई।” उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे फैजल खान के ‘इमोशनल ब्लैकमेल’ में न आएं, क्योंकि वह पर्दे के आगे सिर्फ दिखावे का शिक्षक है।
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