JPSC-JSSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है और उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और सरकार के अन्य प्रतिनिधि छात्रों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संवाद के सभी रास्ते खुले हुए हैं और जल्द ही बातचीत के माध्यम से किसी सकारात्मक समाधान तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

छात्रों की मांगों पर सरकार जल्द करेगी चर्चा
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार चाहती है कि आंदोलन कर रहे छात्रों की समस्याओं को सुना जाए और आपसी सहमति से समाधान निकाला जाए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे बातचीत के माध्यम से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखें।उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जल्द ही आंदोलनकारी छात्रों के साथ बैठक कर सकते हैं। मंत्री के अनुसार, सरकार का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना है और किसी भी समस्या का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा।

पेपर लीक मामलों पर सरकार ने की सख्त कार्रवाई
मीडिया से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मामलों पर सरकार की कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस तरह की घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं।
मंत्री ने दावा किया कि सरकार ने कार्रवाई करने में किसी तरह की हिचक नहीं दिखाई। उन्होंने बताया कि JPSC से जुड़े मामलों में तत्काल कदम उठाते हुए तत्कालीन अध्यक्ष को पद से हटाया गया और कई आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा गया है।उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि किसी परीक्षा में अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
भाजपा पर मंत्री ने लगाए गंभीर आरोप
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने विपक्षी दल भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में भी समय-समय पर पेपर लीक के मामले सामने आते हैं, लेकिन वहां की सरकारें जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ वैसी कार्रवाई नहीं करतीं जैसी झारखंड में की जा रही है।उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार छात्रों की आवाज दबाने में विश्वास नहीं रखती। मंत्री ने कहा कि सरकार का रवैया संवाद और समाधान का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन को खत्म कराने के लिए बल प्रयोग नहीं बल्कि बातचीत को प्राथमिकता दी जाएगी।

छात्र आंदोलन में राजनीतिक हस्तक्षेप से बचने की अपील
आंदोलन कर रहे छात्रों से अपील करते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि उन्हें अपने मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने आंदोलन में किसी भी राजनीतिक दल को शामिल न होने दें।मंत्री ने कहा कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने दोहराया कि बातचीत के माध्यम से ही स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
29 जुलाई से जारी है छात्रों का धरना प्रदर्शन
गौरतलब है कि JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र 29 जुलाई से स्टेडियम में धरना दे रहे हैं। इस आंदोलन को धीरे-धीरे व्यापक समर्थन मिल रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग छात्रों के समर्थन में सामने आ रहे हैं।प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों के लिए कई शहरों से लोग ऑनलाइन डिलीवरी ऐप के माध्यम से खाने-पीने की सामग्री भी पहुंचा रहे हैं। छात्रों की मांगों और सरकार के बीच संभावित बातचीत पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में वार्ता के जरिए इस विवाद के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
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