NTA Exam Reform: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए बड़े स्तर पर बदलाव शुरू किए हैं। शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि एजेंसी से 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया गया है। इसके साथ ही महत्वपूर्ण पदों पर अनुभवी और पेशेवर लोगों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह कदम हाल के दिनों में परीक्षाओं से जुड़ी सामने आई गड़बड़ियों के बाद उठाया गया है।
UGC-NET में त्रुटियों के बाद दोबारा परीक्षा
NTA की परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब एजेंसी ने यूजीसी-नेट जून 2026 के तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। रविवार को एजेंसी ने बताया था कि अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में कई त्रुटियां पाई गई थीं। इसके बाद इन विषयों की परीक्षाएं फिर से आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इससे परीक्षा की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं।
NEET-UG 2026 को लेकर भी उठे थे सवाल
इससे पहले चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा भी विवादों में रही थी। प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बीच परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया था। लगातार सामने आई ऐसी घटनाओं के बाद NTA की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत महसूस की गई। अब मंत्रालय और एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने पर जोर दे रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की बैठक
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, NTA के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान हालिया घटनाक्रम और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मंत्री को NTA में किए जा रहे प्रशासनिक और तकनीकी बदलावों की जानकारी दी।
50 से ज्यादा कर्मचारियों को हटाया गया
मंत्रालय ने बैठक के बाद बताया कि NTA से 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया जा चुका है। इसे परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और कार्यप्रणाली सुधारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके अलावा एजेंसी में कई महत्वपूर्ण पदों पर नए पेशेवरों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा संचालन में विशेषज्ञता और पारदर्शिता बढ़ाना है।
दस प्रमुख पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि NTA ने करीब 10 महत्वपूर्ण पेशेवर पदों के लिए विज्ञापन जारी किए हैं। इनमें मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी यानी CISO, महाप्रबंधक परीक्षा सुरक्षा तथा महाप्रबंधक अनुसंधान एवं विकास और साइकोमेट्रिक्स जैसे पद शामिल हैं। इन पदों पर विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
साइबर सुरक्षा और प्रश्नपत्र तैयार करने पर फोकस
मंत्रालय के अनुसार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए निजी क्षेत्र के विषय विशेषज्ञों को भी जोड़ा जा रहा है। खास तौर पर साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स, प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। सरकार का मानना है कि विशेषज्ञों की भागीदारी से प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा बेहतर की जा सकेगी।
परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का निर्देश
बैठक में शिक्षा मंत्री ने NTA को स्थापित परीक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने गोपनीय संचालन ढांचे में व्यापक बदलाव करने को कहा। इसके साथ ही अलग-थलग कमरों, एयर-गैप्ड कंप्यूटर प्रणालियों और परीक्षा से जुड़े उपकरणों को जमा करने की प्रक्रियाओं में भी सुधार लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का होगा ऑडिट
मंत्रालय ने बताया कि NTA को अपनी सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का गहन ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है। एजेंसी को ऑडिट के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। सरकार का फोकस ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद हर स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सितंबर में होगी UGC-NET की दोबारा परीक्षा
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों के लिए आयोजित की गई थी। यह परीक्षा जूनियर रिसर्च फेलोशिप, असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए पात्रता और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होती है। अब अंग्रेजी और वाणिज्य विषयों की दोबारा परीक्षा 9 सितंबर को होगी, जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी। इन बदलावों के जरिए NTA परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने की कोशिश कर रहा है।
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