Uric Acid Diet : शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। लंबे समय तक हाई यूरिक एसिड रहने से जोड़ों में दर्द, गाउट और कुछ लोगों में किडनी स्टोन जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में इसे नियंत्रित रखने के लिए डॉक्टर की सलाह के साथ खान-पान और जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञ डॉ. शुभम वत्स ने सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो में हाई यूरिक एसिड के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी है।
रेड मीट और ऑर्गन मीट से रहें सावधान
मटन, बीफ और पोर्क जैसे रेड मीट के अलावा लिवर और किडनी जैसे ऑर्गन मीट में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है। शरीर प्यूरीन को तोड़ने के दौरान यूरिक एसिड बनाता है। इसलिए अधिक मात्रा में इन खाद्य पदार्थों का सेवन कुछ लोगों में यूरिक एसिड बढ़ा सकता है और गाउट के लक्षणों को ट्रिगर कर सकता है। हाई यूरिक एसिड वाले लोगों को इनका सेवन करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए।
कुछ सी-फूड में भी प्यूरीन अधिक होता है
झींगा, केकड़ा, सार्डिन, मैकेरल और एंकोवी जैसी कुछ समुद्री खाद्य सामग्री में प्यूरीन का स्तर अपेक्षाकृत अधिक पाया जाता है। ऐसे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन यूरिक एसिड की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए हाई यूरिक एसिड या गाउट वाले मरीजों को अपनी डाइट में इन चीजों की मात्रा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
शराब और बीयर का सेवन बढ़ा सकता है जोखिम
हाई यूरिक एसिड की समस्या में शराब और खासतौर पर बीयर के सेवन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। शराब शरीर में यूरिक एसिड के मेटाबॉलिज्म और उसके उत्सर्जन को प्रभावित कर सकती है। बीयर में भी ऐसे घटक होते हैं जो यूरिक एसिड की समस्या को बढ़ा सकते हैं। इसलिए यूरिक एसिड नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोगों को शराब से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
मीठे और पैकेज्ड ड्रिंक्स से भी बचें
कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक्स और कई मीठे कार्बोनेटेड पेय पदार्थों में फ्रक्टोज या अतिरिक्त शुगर की मात्रा अधिक हो सकती है। ज्यादा फ्रक्टोज का सेवन शरीर में यूरिक एसिड के उत्पादन को बढ़ाने से जुड़ा पाया गया है। इसलिए हाई यूरिक एसिड वाले लोगों के लिए ऐसे पेय पदार्थों का सेवन कम करना या उनसे बचना फायदेमंद हो सकता है।
दालों और सब्जियों को लेकर संतुलन जरूरी
उड़द, चना और राजमा जैसी दालों में प्यूरीन की मात्रा होती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को सभी दालें पूरी तरह बंद कर देनी चाहिए। कुछ सब्जियों जैसे पालक, मशरूम, फूलगोभी और कटहल में भी प्यूरीन पाया जाता है। विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार इन खाद्य पदार्थों की मात्रा तय करना बेहतर है, खासकर यदि यूरिक एसिड लगातार बढ़ा हुआ रहता है।
मैदा और रिफाइंड कार्ब्स कम करें
बिस्कुट, केक, सफेद ब्रेड और मैदे से बने कई बेकरी उत्पादों में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और अतिरिक्त शुगर हो सकती है। इनका अधिक सेवन वजन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, जो यूरिक एसिड प्रबंधन को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए संतुलित डाइट में साबुत अनाज और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प माना जाता है।
यूरिक एसिड में डाइट प्लान व्यक्तिगत होना चाहिए
यूरिक एसिड बढ़ने पर हर व्यक्ति के लिए एक जैसा डाइट प्लान उपयुक्त नहीं होता। उम्र, वजन, किडनी की स्थिति, गाउट का इतिहास और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के आधार पर खान-पान में बदलाव अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी खाद्य पदार्थ को पूरी तरह बंद करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह लेना जरूरी है। नियमित जांच और चिकित्सकीय सलाह के साथ ही यूरिक एसिड को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने की कोशिश करनी चाहिए।
Disclaimer: स्वास्थ्य संबंधी बदलाव से पहले डॉक्टर से पूछें
इस लेख में बताए गए डाइट संबंधी सुझाव सामान्य जानकारी के उद्देश्य से हैं। इन्हें किसी बीमारी का इलाज या व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए। यूरिक एसिड, गाउट या किडनी से जुड़ी समस्या होने पर अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने, कोई नया फिटनेस कार्यक्रम शुरू करने या किसी उपचार को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ ही उचित सलाह दे सकते हैं।
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