Israel UK Tensions : इजराइल और यूनाइटेड किंगडम के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इजराइल ने मंगलवार को यरुशलम स्थित ब्रिटेन के वाणिज्य दूतावास को बंद करने की घोषणा की। यह फैसला वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजराइली बसने वालों की हिंसा को लेकर ब्रिटेन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद सामने आया है। इजराइल के इस कदम से दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्तों में और तल्खी बढ़ने की आशंका है।
विदेश मंत्री गिदोन सार ने ब्रिटेन पर लगाए गंभीर आरोप
इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने ब्रिटिश सरकार के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने ब्रिटिश संसद में विदेश मंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया। सार ने कहा कि ब्रिटेन का कदम नैतिक रूप से गलत है और इसे एक संप्रभु देश के आंतरिक मामलों तथा उसकी चुनावी प्रक्रिया में खुला हस्तक्षेप माना जाना चाहिए। इजराइल ने ब्रिटेन के फैसले को एकतरफा और अनुचित करार दिया है।
चुनाव से पहले इजराइल का बड़ा राजनयिक फैसला
इजराइल की यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब देश में 27 अक्टूबर को चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से करीब एक महीने पहले यह मुद्दा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नेतन्याहू वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों के समर्थन को अपने राजनीतिक अभियान में प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं। इजराइल ने स्पष्ट किया कि पूर्वी यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद किया जाएगा। यह कार्यालय वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी प्राधिकरण के साथ भी काम करता है।
गाजा समन्वय मिशन से भी ब्रिटेन को किया बाहर
वाणिज्य दूतावास बंद करने के अलावा इजराइल ने ब्रिटेन के खिलाफ कई अन्य कदमों की भी घोषणा की। विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि ब्रिटेन को अब गाजा के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले समन्वय मिशन में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही इजराइल ने 12 ब्रिटिश अधिकारियों के देश में प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला भी किया है। इन फैसलों से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
UK ने वेस्ट बैंक कब्जे को बताया गैर-कानूनी
ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने इजराइल की वेस्ट बैंक नीति पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार वेस्ट बैंक पर इजराइल के कब्जे को पूरी तरह गैर-कानूनी मानती है। मिलिबैंड ने प्रतिबंधों को फिलिस्तीनियों की पीड़ा के बीच जरूरी कदम बताते हुए कहा कि यह न्याय की दिशा में शुरुआत होनी चाहिए। ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक की इजराइली बस्तियों से आने वाले सामान के आयात और वहां कंपनियों द्वारा सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी प्रतिबंधों की घोषणा की।
दो-राष्ट्र समाधान को बचाने की ब्रिटेन की बात
मिलिबैंड ने कहा कि ब्रिटिश जनता नहीं चाहती कि देश की दुकानें और सुपरमार्केट इजराइली बस्तियों से आए उत्पादों के जरिए कब्जे का समर्थन करें। उन्होंने फिलिस्तीन में हुई घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने गहरी शर्मिंदगी भी जाहिर की। ब्रिटिश विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार दो-राष्ट्र समाधान को समाप्त नहीं होने देगी और इसी दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखेगी।
अमेरिका ने इजराइल पर प्रतिबंध लगाने से किया इनकार
इस पूरे विवाद के बीच अमेरिका ने ब्रिटेन से अलग रुख अपनाया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों को लेकर इजराइल पर प्रतिबंध लगाने के मामले में ब्रिटेन का अनुसरण नहीं करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका नहीं चाहता कि इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में ऐसी परिस्थितियां पैदा हों, जिनसे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़े। इससे साफ है कि इस मुद्दे पर पश्चिमी देशों के बीच भी नीति को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
Read more : Sambhal Jama Masjid : संभल मस्जिद मामले में SC में मुस्लिम पक्ष की दलील, सर्वे पर उठाए सवाल