महासमुंद में खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी NOC मामले की जांच के बीच पुलिस को बड़ी नकदी मिली है। आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार स्थित मकान से 81 लाख रुपये बरामद हुए। अब पुलिस रकम के स्रोत और पूरे नेटवर्क से इसके कनेक्शन की जांच कर रही है।
महासमुंद में खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी NOC मामले की जांच के बीच पुलिस को बड़ी नकदी मिली है। आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार स्थित मकान से 81 लाख रुपये बरामद हुए। अब पुलिस रकम के स्रोत और पूरे नेटवर्क से इसके कनेक्शन की जांच कर रही है।

Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खैर लकड़ी के कथित अवैध कारोबार और फर्जी एनओसी (NOC) से जुड़े मामले की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के सरसींवा थाना क्षेत्र के मुड़पार स्थित मकान पर छापेमारी कर 81 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस की जांच और तेज हो गई है। अब अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि आरोपी के पास इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से आई और इसका खैर लकड़ी के कथित अवैध कारोबार से क्या संबंध है।


पुलिस के मुताबिक, पूरा मामला करीब 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन से जुड़ा हुआ है। इस लकड़ी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई एनटीपीएस एनओसी (NTPS NOC) में कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किए जाने की बात सामने आई थी। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित दस्तावेजों और मामले से जुड़ी फाइलों की पड़ताल की। इसी प्रक्रिया में पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनके आधार पर आरोपी के घर की तलाशी जरूरी मानी गई।

मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने आरोपी के ठिकाने की तलाशी के लिए अदालत से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद 7 सितंबर को पुलिस की टीम ने सरसींवा के मुड़पार स्थित मनीष अग्रवाल के मकान पर छापेमारी की। टीम ने घर के अलग-अलग हिस्सों की तलाशी ली और संदिग्ध दस्तावेजों तथा अन्य सामग्री की भी जांच की। तलाशी के दौरान पुलिस को एक थैला मिला, जिसमें बड़ी मात्रा में नकदी रखी हुई थी।
तलाशी के दौरान बरामद थैले में 500-500 रुपये के नोटों की कुल 162 गड्डियां मिलीं। पुलिस टीम ने मौके पर ही पूरी रकम की गिनती की। नोटों की गिनती पूरी होने के बाद नकदी की कुल राशि 81 लाख रुपये सामने आई। इतनी बड़ी रकम बरामद होने के बाद पुलिस ने इसे तत्काल जब्त कर लिया। बरामद नकदी को अब मामले की जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है।
महासमुंद पुलिस के अनुसार, बरामद 81 लाख रुपये को प्रथम दृष्टया अपराध से अर्जित संपत्ति यानी ‘Proceeds of Crime’ के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस ने इस दिशा में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 107 के तहत कुर्की की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, नकदी का वास्तविक स्रोत और इसका कथित खैर लकड़ी कारोबार से सीधा संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

पुलिस अब इस मामले को केवल नकदी बरामदगी तक सीमित नहीं रख रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बरामद 81 लाख रुपये किस लेनदेन से जुड़े हैं और क्या इस रकम का इस्तेमाल कथित अवैध कारोबार में किया जा रहा था। पुलिस संभावित अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
23,350 किलो खैर लकड़ी के परिवहन से शुरू हुई यह जांच अब बड़ी नकदी की बरामदगी के बाद महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस दस्तावेजों, नकदी और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों को आपस में जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आने वाले दिनों में कथित अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और वित्तीय लेनदेन को लेकर भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
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