Satya Niketan Accident : दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्र आवास की इमारत गिरने की घटना को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को इस हादसे को लेकर सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इस मामले की जांच अब तक कहां तक पहुंची है और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
इंदौर में अर्पित जाज के परिवार से राहुल गांधी की मुलाकात
राहुल गांधी ने यह मुद्दा मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान उठाया। यहां उन्होंने दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले 21 वर्षीय छात्र अर्पित जाज के परिवार से मुलाकात की। अर्पित मध्य प्रदेश के देवास के रहने वाले थे और दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे। 6 सितंबर को सत्य निकेतन की इमारत ढहने के बाद उनकी मौत हो गई थी।
राहुल गांधी ने छात्र की मौत पर उठाया सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर परिवार के साथ बातचीत की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि अर्पित की आखिर क्या गलती थी। उन्होंने कहा कि परिवार इस हादसे के बाद जवाब मांग रहा है। राहुल गांधी के मुताबिक, अगर छात्रों के लिए पर्याप्त और सुरक्षित हॉस्टल उपलब्ध होते तो उन्हें असुरक्षित आवासों में रहने की मजबूरी नहीं होती।
सुरक्षा मानकों के पालन पर भी उठे सवाल
राहुल गांधी ने अपने बयान में यह भी सवाल उठाया कि यदि भवनों में सुरक्षा मानकों का प्रभावी तरीके से पालन किया जाता तो क्या इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने छात्रों के लिए सुरक्षित रहने की व्यवस्था और मौजूदा आवासों की सुरक्षा जांच को महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
सिस्टम और भ्रष्टाचार को लेकर राहुल गांधी का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि व्यवस्था की गैर-जिम्मेदारी और भ्रष्टाचार के कारण कई परिवारों को अपने बच्चों को खोने का दर्द झेलना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अर्पित का परिवार ही नहीं, बल्कि ऐसे हादसों से प्रभावित दूसरे परिवार भी जवाबदेही चाहते हैं। हालांकि, भ्रष्टाचार को हादसे का कारण बताना राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप है, जिसकी अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही हो सकती है।
नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे?
राहुल गांधी ने छात्रों के आवास से जुड़े कई सवाल सरकार के सामने रखे। उन्होंने पूछा कि छात्रों के लिए पर्याप्त संख्या में नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि आखिर छात्रों को असुरक्षित पीजी या निजी आवासों में रहने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ता है।
सत्य निकेतन हादसे की जांच पर भी सवाल
राहुल गांधी ने पूछा कि सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची है और इस घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी। हादसे के बाद भवन सुरक्षा, नागरिक निगरानी और पीजी आवासों की जांच को लेकर सवाल उठे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में भी पीजी और हॉस्टल की सुरक्षा तथा पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे से जुड़े मामले सामने आए हैं।
सात लोगों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस
6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान करीब 27 घंटे तक चला था। इस हादसे में कुल सात लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। घटना के बाद भवन सुरक्षा और पीजी आवासों की निगरानी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई।
छात्रों की सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में छात्रों के सुरक्षित आवास और हॉस्टल सुविधाओं से जुड़े सवालों को फिर सामने ला दिया है। अब राजनीतिक बयानबाजी के बीच हादसे की जांच, जिम्मेदारी तय करने और छात्र आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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