Bilaspur News : बिलासपुर के चर्चित खपरगंज बवाल मामले में पुलिस ने फरार चल रहे दूसरे पक्ष के मुख्य आरोपी रामसिंह ठाकुर को मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पन्ना में उसके छिपे होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बिलासपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
दोस्त के घर में छिपा था आरोपी
पुलिस जांच के अनुसार रामसिंह ठाकुर पन्ना जिले के माकरी कुठार गांव में अपने दोस्त धीरेन्द्र पटेल के घर पर छिपा हुआ था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान टीम को उसके पन्ना में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने संबंधित स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
28-29 अगस्त की रात शुरू हुआ था विवाद
मामला 28 और 29 अगस्त की दरमियानी रात बिलासपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। स्थिति बिगड़ने के बाद विवाद पथराव, मारपीट और तोड़फोड़ में बदल गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी।
बवाल में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल
हंगामे के दौरान पुलिसकर्मियों समेत दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। उपद्रव के दौरान कई वाहनों और दुकानों में तोड़फोड़ भी हुई। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस ने इसके बाद मामले की जांच तेज कर दी थी।
सुहैल खान और रामसिंह गुट पर दर्ज हुआ केस
पुलिस के अनुसार, खपरगंज बवाल मामले में हिस्ट्रीशीटर सुहैल खान और रामसिंह ठाकुर से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के 50 से अधिक लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। FIR दर्ज होने के बाद रामसिंह ठाकुर फरार हो गया था। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर पहुंच रही थीं।
अब तक 30 से अधिक आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में दोनों पक्षों से जुड़े 30 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें हिस्ट्रीशीटर सुहैल खान और उसके साथी भी शामिल हैं। रामसिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसियां मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।
CCTV और ड्रोन फुटेज से आरोपियों की पहचान
खपरगंज बवाल की जांच में पुलिस ने CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग, ड्रोन से बनाए गए वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को भी शामिल किया है। इन फुटेज की मदद से घटनास्थल पर मौजूद लोगों की पहचान करने का प्रयास किया गया। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
रामसिंह के खिलाफ पहले से दर्ज हैं छह मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रामसिंह ठाकुर के खिलाफ पहले से छह FIR दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार इनमें धर्मांतरण, गौवंश और अन्य विवादों से संबंधित मामले शामिल हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक मार्च 2026 में धार्मिक भावनाएं आहत करने से जुड़ा मामला और मई 2026 में SIMS कर्मी से मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। अक्टूबर 2025 में SC/ST Act के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी भी पुलिस रिकॉर्ड में बताई गई है। इन मामलों में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
फरार आरोपियों की तलाश अब भी जारी
रामसिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद खपरगंज बवाल मामले में पुलिस की जांच एक और चरण में पहुंच गई है। पुलिस CCTV, ड्रोन फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद कुछ समय में हिंसक बवाल में बदल गया था। अब पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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