AB de Villiers IPL 2025 : आईपीएल के अगले सीज़न को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह चरम पर है। इसी बीच रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के पूर्व स्टार बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने टीम में वापसी के संकेत दिए हैं। हालांकि इस बार वह मैदान पर बल्लेबाजी करते हुए नहीं, बल्कि एक अलग भूमिका में नजर आ सकते हैं। डिविलियर्स ने खुद इस बात का इशारा किया है कि वह आईपीएल में भविष्य में कोच या मेंटर के रूप में शामिल हो सकते हैं।

डिविलियर्स की संन्यास के बाद की तैयारी
2021 में सभी प्रारूपों से संन्यास लेने वाले डिविलियर्स ने कहा, “एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में पूरे सीज़न में खेलना अब मेरे लिए मुश्किल है। लेकिन मेरा दिल हमेशा आरसीबी के साथ है। अगर टीम को मेरी कोचिंग या मेंटरशिप में रुचि है, तो मैं जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हूँ।” इस बयान से साफ है कि डिविलियर्स का आईपीएल में फिर से जुड़ाव खेल के मैदान के बाहर होगा।

आरसीबी के लिए डिविलियर्स का योगदान
डिविलियर्स ने आरसीबी के लिए कुल 157 मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 4,522 रन बनाए। उनका बल्लेबाजी औसत 41.10 और स्ट्राइक रेट 158.33 रहा है। इस दौरान उन्होंने दो शतक और 37 अर्धशतक जड़े हैं। 2016 में डिविलियर्स ने विराट कोहली के साथ मिलकर गुजरात लायंस के खिलाफ आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी दूसरी विकेट के लिए 229 रन की साझेदारी की थी। उस सीज़न में उन्होंने कुल 687 रन बनाए थे, जो कि उस समय सर्वाधिक रन बनाने वालों में तीसरे नंबर पर था। डिविलियर्स को 2022 में आरसीबी हॉल ऑफ फेम में भी शामिल किया गया, जो उनकी टीम के प्रति योगदान और सम्मान को दर्शाता है।
हालिया प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाएं
क्रिकेट से संन्यास के बाद भी डिविलियर्स ने अपनी क्रिकेटिंग प्रतिभा का प्रदर्शन जारी रखा। हाल ही में लीजेंड्स लीग में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में 47 गेंदों में शतक जड़कर दक्षिण अफ्रीका की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन ने दर्शाया कि उनके पास अभी भी खेल के लिए जुनून और समझ बनी हुई है।
अब सवाल यह है कि क्या आरसीबी डिविलियर्स की कोच या मेंटर के रूप में वापसी को स्वीकार करेगी। इस पर टीम प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। उनके आने से आरसीबी के युवा खिलाड़ियों को बड़े खिलाड़ी से मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
एबी डिविलियर्स का आईपीएल में पुनः जुड़ाव, खासकर आरसीबी के साथ, टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि यह वापसी बल्लेबाजी के रूप में नहीं, बल्कि टीम के कोचिंग या मेंटरिंग स्टाफ में हो सकती है। इस कदम से आरसीबी को अनुभव और रणनीतिक मजबूती मिलेगी, जो आगामी सीज़न में टीम की प्रदर्शन क्षमता को बढ़ा सकती है।











