Bankipur By-Election: बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस हाई-प्रोफाइल सीट के लिए अपनी चुनावी रणनीति स्पष्ट करते हुए रेखा गुप्ता को अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरजेडी ने स्थानीय और सामाजिक समीकरणों को गहराई से समझते हुए रेखा गुप्ता के नाम पर मुहर लगाई है। इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती, क्योंकि यह उपचुनाव राज्य की मौजूदा सियासी हवा को भांपने के लिए एक बड़े लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है।

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भरी हुंकार
बांकीपुर उपचुनाव में मुकाबला अब त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है। आरजेडी के ऐलान से ठीक पहले, जन सुराज पार्टी के संस्थापक और रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने स्वयं इस सीट से चुनावी ताल ठोकने का निर्णय लिया है। जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि प्रशांत किशोर 11 जुलाई को बांकीपुर विधानसभा सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। विधानसभा चुनावों में अपनी छाप न छोड़ पाने के बाद, अब प्रशांत किशोर इस उपचुनाव के जरिए अपनी पार्टी की राजनीतिक जमीन तलाशने और चुनावी जीत का खाता खोलने की पूरी कोशिश करेंगे।

भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न: संभावित उम्मीदवारों पर नजर
यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उनके इस्तीफे से रिक्त हुई है, जो इसे भाजपा के लिए अत्यंत प्रतिष्ठापूर्ण बनाता है। कायस्थ बहुल मानी जाने वाली इस सीट पर भाजपा अपने किसी मजबूत और प्रभावशाली चेहरे को उतारने की तैयारी में है। पार्टी के भीतर से पूर्व विधान परिषद सदस्य प्रो. रणवीर नंदन, राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा और प्रवक्ता अजय आलोक के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व स्थानीय जातिगत आंकड़ों और वर्तमान राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखकर ही अंतिम उम्मीदवार का चयन करेगा।
सियासी सरगर्मियां तेज: क्या होगा चुनावी समीकरण?
बांकीपुर सीट की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह बिहार की सबसे चर्चित सीटों में गिनी जाती है। आरजेडी और जन सुराज द्वारा अपने पत्ते खोलने के बाद अब सबकी निगाहें भाजपा के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं। चुनावी प्रचार की धमक के साथ ही अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू होने की संभावना है। राज्य की मुख्यधारा की पार्टियों के लिए यह उपचुनाव न केवल एक सीट बचाने की लड़ाई है, बल्कि आने वाले समय के लिए खुद को साबित करने का अवसर भी है।
क्या यह उपचुनाव बदल देगा राज्य की सियासत?
रेखा गुप्ता बनाम प्रशांत किशोर और भाजपा के संभावित दिग्गज प्रत्याशी—यह मुकाबला बांकीपुर को बिहार की राजनीति का केंद्र बिंदु बना चुका है। राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है और प्रचार के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। यह उपचुनाव न केवल यह तय करेगा कि बांकीपुर का अगला विधायक कौन होगा, बल्कि यह प्रशांत किशोर की नई राजनीतिक पारी और आरजेडी की बदली हुई रणनीति को भी एक दिशा प्रदान करेगा। आगामी कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं।
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