Bihar Election 2025: सुप्रीम कोर्ट की बड़ी सख्ती, राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन पर चुनाव आयोग से जवाब-तलब

Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले देश की राजनीति में बड़ा हलचल मच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन को लेकर चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर दिया है। कोर्ट ने आयोग से इस मुद्दे पर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। इस फैसले से चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ गया है, वहीं राजनीतिक दलों में भी हलचल तेज हो गई है।

ads

याचिका में क्या है मांग?

यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय द्वारा दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट, चुनाव आयोग को निर्देश दे कि वह राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन और उनके संचालन के लिए सख्त और पारदर्शी नियम बनाए।

Adst

इसके साथ ही, याचिका में केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि वह राजनीति में भ्रष्टाचार, जातिवाद और अपराधीकरण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।

इनकम टैक्स की रेड से उठा मामला

याचिका में एक अहम उदाहरण के रूप में बताया गया कि 13 जुलाई को इनकम टैक्स विभाग ने “इंडियन सोशल पार्टी” और “युवा आत्मनिर्भर दल” पर रेड की थी, जिसमें ₹500 करोड़ की ब्लैक मनी का खुलासा हुआ।

यह दावा किया गया कि कई फर्जी राजनीतिक दल, मनी लॉन्ड्रिंग, अपहरण, तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों को पदाधिकारी बना रहे हैं। यह न केवल लोकतंत्र के लिए खतरा है, बल्कि देश की छवि को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है और कहा है कि सभी रजिस्टर्ड राजनीतिक दलों को पक्षकार बनाया जाए। यह रुख दिखाता है कि अब कोर्ट राजनीतिक दलों के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के पक्ष में है।

चुनाव आयोग की भूमिका सवालों के घेरे में

सुप्रीम कोर्ट का यह नोटिस ऐसे समय आया है जब बिहार चुनाव 2025 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में फर्जी और बिना जवाबदेही के चल रहे दलों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। कोर्ट के इस कदम से यह साफ हो गया है कि भविष्य में केवल वही राजनीतिक दल मैदान में रहेंगे जो धर्मनिरपेक्षता, पारदर्शिता और कानूनी नियमों का पालन करेंगे।

क्या बदलेगा अब राजनीतिक परिदृश्य?

अगर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नए नियम बनते हैं, तो यह भारत के लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक सुधार साबित हो सकता है। यह कदम न केवल चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाएगा, बल्कि देश में स्वच्छ और अपराधमुक्त राजनीति को भी बढ़ावा देगा।

बिहार चुनाव 2025 से पहले सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले हफ्तों में चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

Read More : Punjab Flood 2025: पंजाब में बाढ़ का कहर, सीएम भगवंत मान ने किसानों और बाढ़ पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान

Adst
Admin

Admin

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.