Dhamtari Ganga Maha Aarti: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सावन माह के पहले सोमवार को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन देखने को मिला। महानदी के चित्रोत्पला तट स्थित रुद्रेश्वर घाट पर पहली बार भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। बनारस के प्रसिद्ध घाटों पर होने वाली गंगा आरती की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम ने हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। शाम होते ही पूरा घाट दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रों की ध्वनि, शंखनाद और घंटियों की गूंज से भक्तिमय वातावरण में बदल गया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस अनूठे आयोजन में भाग लिया और इसे धमतरी के धार्मिक इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुई भव्य गंगा महाआरती
गंगा महाआरती का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ किया गया। सात विद्वान पंडितों ने एक साथ एक ही लय और मंत्रों के साथ मां गंगा और महानदी की आरती संपन्न कराई। बड़े-बड़े दीपदान हाथों में लेकर जब आरती शुरू हुई तो पूरा घाट दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठा। श्रद्धालु हाथ जोड़कर आरती में शामिल हुए और “हर-हर महादेव” तथा “गंगा मैया की जय” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। आरती के समापन पर आकर्षक आतिशबाजी की गई, जिसने आयोजन की भव्यता को और भी बढ़ा दिया।

श्रद्धालुओं ने बनारस जैसी अनुभूति होने की कही बात
गंगा महाआरती में शामिल श्रद्धालुओं ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि धमतरी में पहली बार इस तरह का दिव्य आयोजन देखने का अवसर मिला। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि आरती के दौरान ऐसा अनुभव हो रहा था मानो वे वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों पर उपस्थित हों। उनका मानना था कि सावन के प्रत्येक सोमवार को इस प्रकार का आयोजन होना चाहिए, जिससे धमतरी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिले। श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति और प्रशासन के प्रयासों की भी सराहना की।
आयोजन समिति ने बताया आगे का कार्यक्रम
आयोजन समिति के सदस्य पप्पू शिंदे ने बताया कि महानदी के रुद्रेश्वर घाट पर गंगा महाआरती कराने का विचार कई महीने पहले सामने आया था। इसके बाद सभी साथियों ने मिलकर इस आयोजन की विस्तृत योजना तैयार की। उन्होंने कहा कि सावन के पहले सोमवार को यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और यह केवल शुरुआत है। समिति ने निर्णय लिया है कि सावन के शेष तीनों सोमवार को भी गंगा महाआरती आयोजित की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले प्रत्येक आयोजन को पहले से अधिक भव्य और आकर्षक बनाया जाएगा।
महापौर ने बताया धार्मिक और पर्यटन विकास की नई पहल
धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने इस आयोजन को शहर के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि कुछ समय पहले तक किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि महानदी के तट पर बनारस की तर्ज पर गंगा महाआरती आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि रुद्रेश्वर कॉरिडोर के विकास की जो परिकल्पना की जा रही है, उसमें गंगा महाआरती एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। उनके अनुसार, इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि धमतरी को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में भी नई पहचान दिलाएंगे।

भक्ति संगीत और श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता
रुद्रेश्वर महादेव मंदिर के समीप स्थित रुद्रेश्वर घाट पर शाम से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। कुछ ही समय में पूरा घाट महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों से खचाखच भर गया। आरती शुरू होने से पहले भक्ति संगीत और भगवान शिव के भजनों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और सामूहिक आरती ने श्रद्धालुओं को गहरी आध्यात्मिक अनुभूति कराई। आयोजन की सफलता ने यह संकेत दिया कि भविष्य में यह गंगा महाआरती धमतरी की धार्मिक पहचान का प्रमुख प्रतीक बन सकती है और महानदी तट को प्रदेश के महत्वपूर्ण आस्था केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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