AAP Protest: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 (E20) पेट्रोल नीति के विरोध में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। इस मार्च में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। हालांकि, प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए निर्धारित स्थान पर रोक दिया। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार से ई-20 नीति पर पुनर्विचार करने की मांग दोहराई।

प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने की थी तैयारी
आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह मार्च केवल विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक आम लोगों की चिंताओं को पहुंचाने का प्रयास था। पार्टी के अनुसार, ई-20 पेट्रोल के खिलाफ देशभर से 2 लाख 33 हजार से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया है। इन हस्ताक्षरों की प्रतियां प्रधानमंत्री को सौंपने की योजना बनाई गई थी। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री से मुलाकात कर लोगों की चिंताओं से अवगत कराना और इस नीति की समीक्षा का आग्रह करना था।

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
मार्च के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित दबाव में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। केजरीवाल ने दावा किया कि भारत को अमेरिका से एथेनॉल आयात करने की आवश्यकता नहीं है और ई-20 नीति को वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा है और उन्हें उम्मीद है कि बातचीत का अवसर मिलेगा। उनके अनुसार, यदि इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
आप नेताओं ने जनता की चिंताओं का किया जिक्र
मार्च में शामिल आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में वाहन मालिक ई-20 पेट्रोल को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों वाहन इस नीति से प्रभावित हो सकते हैं और आम लोगों की परेशानियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आशंकाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को विपक्ष और नागरिकों की बात सुननी चाहिए तथा इस विषय पर खुली चर्चा करनी चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने मुलाकात की मांग दोहराई
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी प्रदर्शन के दौरान कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ई-20 पेट्रोल को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। उनका कहना था कि लोगों ने वाहनों की कार्यक्षमता और माइलेज पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई है। भारद्वाज के अनुसार, पार्टी ने प्रधानमंत्री कार्यालय से पहले ही मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इसी कारण अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सीमित संख्या में प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिलने और ज्ञापन सौंपने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा था।

पुलिस की रोक के बाद धरने पर बैठे नेता
प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे मार्च को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें दोहराईं और प्रधानमंत्री से मुलाकात की अपील की। दूसरी ओर, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन कराने की बात कही। फिलहाल ई-20 पेट्रोल नीति को लेकर आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार के बीच मतभेद जारी हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित वार्ता पर सभी की नजर रहेगी।
Read More : Dhamtari Ganga Maha Aarti: बनारस की तर्ज पर सजा रुद्रेश्वर घाट, पहली बार हुआ भव्य आयोजन












