Gold Silver Rate Alert
Gold Silver Rate Alert: भारतीय सर्राफा बाजार के साथ-साथ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज, 22 अप्रैल 2026 को सोना और चांदी की कीमतों ने सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। निवेशकों और आम खरीदारों के लिए यह दिन काफी चौंकाने वाला रहा, क्योंकि दोनों कीमती धातुओं ने एक ही दिन में भारी छलांग लगाई है। बाजार खुलते ही सोने और चांदी में जो लिवाली शुरू हुई, उसने शाम होते-होते कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इस जबरदस्त तेजी ने शादी-ब्याह के सीजन के बीच आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है, वहीं निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने की कीमतों में ₹2,000 प्रति 10 ग्राम से भी अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इस उछाल के बाद सोना ₹1,53,699 प्रति 10 ग्राम के अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया। केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी ने भी निवेशकों को तगड़ा रिटर्न दिया। चांदी की कीमतों में करीब ₹4,700 प्रति किलोग्राम की बड़ी वृद्धि देखी गई, जिससे इसका भाव ₹2,49,423 प्रति किलोग्राम के स्तर को छू गया। हाल के वर्षों में कीमती धातुओं में एक ही दिन के भीतर आई यह सबसे बड़ी तेजी मानी जा रही है, जिसने बाजार के विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है।
घरेलू बाजार में आई इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाथ साफ नजर आ रहा है। वैश्विक मंच पर स्पॉट गोल्ड की कीमतों में 0.8% की मजबूती देखी गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय भाव 4,755 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गए। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की मांग बढ़ती है, उसका सीधा असर भारत जैसे बड़े आयातक देश के घरेलू बाजार पर पड़ता है। डॉलर की तुलना में अन्य मुद्राओं के उतार-चढ़ाव ने भी सोने को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षक बनाया है, जिससे विदेशी निवेशक जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों ने इस तेजी के पीछे तीन मुख्य कारणों को चिन्हित किया है। सबसे प्रमुख कारण अमेरिका और ईरान के बीच गहराता भू-राजनीतिक तनाव है। सीजफायर की शर्तों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से निकलकर सोने की ओर भाग रहे हैं, जिसे ‘सेफ हेवन’ (सुरक्षित निवेश) माना जाता है। दूसरा कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें हैं। तेल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब होने से वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। जब भी महंगाई बढ़ती है, सोने की वैल्यू में इजाफा होता है। तीसरा कारण अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी है, जिससे अन्य करेंसी रखने वाले लोगों के लिए सोना खरीदना सस्ता और फायदेमंद हो जाता है।
आने वाले दिनों को लेकर बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में अनिश्चितता का माहौल बना रहेगा, तब तक सोना-चांदी की कीमतों में स्थिरता आना मुश्किल है। यदि कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होती है, तो सोना ₹1.60 लाख के स्तर को भी पार कर सकता है। हालांकि, निवेशकों को फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचे भाव पर खरीदारी करने से पहले बाजार के सुधार (Correction) का इंतजार करना बेहतर हो सकता है। फिलहाल, सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
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