IPS Suicide Case: चंडीगढ़ से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है जहां वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाय पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद हरियाणा में भारी विरोध प्रदर्शन और आक्रोश फैल गया है। महापंचायत ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर को 48 घंटे के भीतर हटाने का अल्टीमेटम दिया है। यदि सरकार ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया तो चंडीगढ़ और हरियाणा के लगभग 5,000 वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।



वाय पूरन कुमार की आत्महत्या: मामला गंभीर
7 अक्टूबर 2025 को 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाय पूरन कुमार ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उनके पास से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उन्होंने हरियाणा पुलिस के डीजीपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों पर अपने मौत का जिम्मेदार होने के आरोप लगाए हैं। इस घटना ने हरियाणा पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और पूरे प्रदेश में तनाव फैल गया है।

परिवार की न्याय की मांग
वाई पूरन कुमार की पत्नी, आईएएस अधिकारी अमनीत कुमार, जो उस वक्त विदेश में थीं, देश लौटने के बाद इस मामले की पूरी जानकारी जुटा रही हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने और जांच में उचित कार्रवाई नहीं की। साथ ही पोस्टमार्टम कराने से भी परिवार ने इनकार किया है। परिवार की मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख्त सजा मिले।
वाल्मीकि समाज का आक्रोश और महापंचायत
वाय पूरन कुमार की मौत के बाद वाल्मीकि समाज में गहरा आक्रोश है। इस समाज के सदस्यों ने चंडीगढ़ में महापंचायत बुलाकर डीजीपी शत्रुजीत कपूर को हटाने की मांग की है। यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो 5,000 से अधिक सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। महापंचायत में यह भी फैसला लिया गया कि सरकार को एक मेमोरेंडम सौंपा जाएगा जिसमें उनकी मांगों को स्पष्ट रूप से रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री का आश्वासन और SIT जांच
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मामले में कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है जो मामले की गहन जांच करेगी और जल्द ही रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री ने साथ ही परिवार को सरकार की पूरी सहायता का भरोसा भी दिया।

महापंचायत में विवादित बयान और उसके बाद का हंगामा
महापंचायत के दौरान कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद राजकुमार सैनी द्वारा दिया गया एक विवादित बयान— “हम सभी वाल्मीकि की पूजा करते हैं, जो ब्राह्मण भी थे”— पर वहां मौजूद लोगों में हंगामा मच गया। इस बयान को लेकर भारी विवाद हुआ, लेकिन वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति को संभाला और माहौल शांत कराया।
आम आदमी पार्टी का कैंडल मार्च
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस मामले को लेकर रविवार को कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है। अमृतसर में मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला जाएगा। प्रदेश के अन्य जिलों में भी आप के नेता इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करेंगे और सरकार से न्याय की मांग करेंगे।
आईपीएस अधिकारी वाय पूरन कुमार की आत्महत्या ने हरियाणा पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाल्मीकि समाज के आक्रोश को देखते हुए सरकार के लिए जरूरी हो गया है कि वह शीघ्र निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाए। साथ ही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को टालने के लिए सरकार को संवाद और वार्ता के जरिए समाधान निकालना होगा।











