Gandhi Hospital Tehran
Gandhi Hospital Tehran : मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित प्रसिद्ध ‘महात्मा गांधी अस्पताल’ इजरायली हवाई हमलों का शिकार होकर पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गया है। हाल ही में जारी एक वीडियो फुटेज में इस मेडिकल कॉम्प्लेक्स की भयावह स्थिति दिखाई गई है, जो कभी हजारों मासूम बच्चों के इलाज का सबसे भरोसेमंद केंद्र हुआ करता था।
ईरान द्वारा जारी किए गए आधिकारिक वीडियो में तेहरान स्थित इस अस्पताल की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आ रही है। भारत में ईरानी दूतावास द्वारा साझा किए गए इन दृश्यों में अस्पताल के भीतर मलबे का ढेर, टूटी हुई व्हीलचेयर और ढह चुकी छतें दिखाई दे रही हैं। यह दृश्य उस तबाही की गवाही दे रहे हैं जो हवाई हमलों के बाद यहां मची। हमले के वक्त अस्पताल में भर्ती मरीजों और बच्चों को आनन-फानन में सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया।
ईरान ने इस हमले को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरानी प्रशासन का दावा है कि पिछले 40 दिनों के युद्ध के दौरान उनकी सेना ने कभी भी चिकित्सा संस्थानों या बच्चों को निशाना नहीं बनाया। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायली और अमेरिकी हमलों ने अब तक 600 से अधिक अस्पतालों और 60 से ज्यादा स्कूलों को नुकसान पहुंचाया है। ईरान ने इस हमले को मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन करार दिया है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मार्च को हुए इजरायली हवाई हमलों के दौरान इस अस्पताल को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इस दुखद घटना की पुष्टि की है। स्थानीय समाचार एजेंसी ISNA द्वारा जारी फुटेज में देखा जा सकता है कि अस्पताल के कॉरिडोर, जहां कभी डॉक्टर और मरीज हुआ करते थे, अब धूल और मलबे से भरे हुए हैं। चश्मदीदों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां भी टूट गईं।
तेहरान की प्रसिद्ध ‘गांधी स्ट्रीट’ पर स्थित इस अस्पताल का इतिहास बेहद खास है। इसे साल 2008-2009 के दौरान ईरानी डॉक्टरों के एक समूह ने एक बड़े निजी मेडिकल कॉम्प्लेक्स के रूप में स्थापित किया था। इसका नाम भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान में रखा गया था, जिन्हें ईरान में शांति, अहिंसा और मानवीय सेवा का प्रतीक माना जाता है। ईरान में गांधी जी के नाम पर कई सड़कें और सार्वजनिक स्थल हैं, जो दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को दर्शाते हैं।
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई है। एक तरफ जहां ईरान इसे नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ इजरायल का अक्सर यह तर्क रहता है कि कुछ चिकित्सा संस्थानों का इस्तेमाल सैन्य या रणनीतिक गतिविधियों के लिए किया जाता है। हालांकि, गांधी अस्पताल जैसे प्रसिद्ध संस्थान का तबाह होना न केवल चिकित्सा सेवाओं के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता का भी संकेत है। इस हमले के बाद वैश्विक शांति के प्रयासों को गहरा धक्का लगा है।
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