◆ खैबर पख्तूनख्वा की तिराह घाटी में सेना का हवाई हमला, मानवाधिकार आयोग ने जताई कड़ी आपत्ति
Pakistan’s own air strike in Pakistan : पाकिस्तान एक बार फिर अपने अंदरूनी हालातों को लेकर दुनिया की नजरों में आ गया है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तिराह घाटी के मत्रे दारा गांव में रविवार देर रात करीब 2 बजे पाकिस्तान वायुसेना ने खुद ही एयर स्ट्राइक कर दी। इस हमले में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। करीब 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पतालों में इलाज जारी है।

सूत्रों के मुताबिक, JF-17 फाइटर जेट से LS-6 बम गिराए गए। गांव पर करीब 8 बम गिराए गए, जिससे कई घर पूरी तरह तबाह हो गए। यह कार्रवाई पाकिस्तान सेना की ओर से आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के तहत की गई, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या निर्दोष नागरिकों की जान लेना आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई कहलाएगी?

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया – “नींद से उठे तो मौत सामने थी”
गांव के स्थानीय लोगों ने बताया कि सब कुछ अचानक हुआ। लोग गहरी नींद में थे, तभी आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाज सुनाई दी। कुछ ही पलों में जोरदार धमाकों से धरती हिल उठी। कई घरों में आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई। पूरी रात गांव चीख-पुकार से गूंजता रहा।
सुबह जब लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो चारों ओर लाशें, मलबा और जले हुए मकान दिखे। यह मंजर किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं था। रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे सुरक्षा बलों और पुलिस ने मलबे से कई शवों को बाहर निकाला।
पाकिस्तान सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पाकिस्तान सरकार ने इस एयर स्ट्राइक पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इस चुप्पी से सरकार की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं।
वहीं, पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि सरकार को इस “भीषण मानवाधिकार उल्लंघन” के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। आयोग ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान लेना न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि यह देश के संविधान के भी खिलाफ है।
अंदरूनी हालात बेकाबू, सेना-सरकार में टकराव गहराया
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और सेना-सरकार के बीच बढ़ते तनाव से जूझ रहा है। इससे पहले भी “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान सेना और सरकार के बीच मतभेद सामने आ चुके हैं। अब अपने ही नागरिकों पर एयर स्ट्राइक कर सरकार ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान की स्थिति किस कदर विस्फोटक हो चुकी है।
पाकिस्तान की यह आत्मघाती एयर स्ट्राइक न सिर्फ मानवता पर हमला है, बल्कि यह दर्शाती है कि देश के भीतर हालात कितने बदतर हो चुके हैं। यदि जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो पाकिस्तान एक बड़े मानवीय संकट की ओर बढ़ सकता है।











