Stock Market Crash
Stock Market Crash: भारतीय इक्विटी मार्केट में पिछले कुछ सत्रों से जारी बढ़त की रफ्तार पर आज, 22 अप्रैल को ब्रेक लग गया। बुधवार सुबह शेयर बाजार के खुलते ही निवेशकों ने बिकवाली का रुख अपनाया, जिससे प्रमुख सूचकांक लाल निशान में गोता लगाने लगे। कारोबार के शुरुआती कुछ मिनटों के भीतर ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स लगभग 345 अंक लुढ़क कर 78,927.46 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 भी सुस्त शुरुआत के बाद 105 अंकों की कमजोरी के साथ 24,471.50 पर कारोबार करता देखा गया। बाजार की इस सुस्ती के पीछे वैश्विक बाजारों से मिल रहे अनिश्चित संकेतों और आईटी क्षेत्र में आई भारी गिरावट को मुख्य कारण माना जा रहा है।
घरेलू बाजार में आज के उतार-चढ़ाव की एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हालिया बयान है। ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम (Ceasefire) को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने की घोषणा तो की है, लेकिन इसके साथ ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी जारी रखने की शर्त भी जोड़ दी है। ट्रंप का कहना है कि जब तक कूटनीतिक बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँचती, तब तक नाकेबंदी नहीं हटाई जाएगी। इस खबर के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है, जिसका असर सुबह ‘गिफ्ट निफ्टी’ पर भी दिखा और इसने घरेलू बाजार के लिए गिरावट के संकेत पहले ही दे दिए थे।
आज के कारोबारी सत्र में सबसे ज्यादा मार आईटी सेक्टर पर पड़ी है। निफ्टी आईटी इंडेक्स टॉप लूजर के रूप में उभरा। दिग्गज कंपनी HCL Tech के शेयरों में 9% तक की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। दरअसल, कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2027 के लिए साझा किया गया रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान विश्लेषकों की उम्मीदों से काफी कम रहा, साथ ही चौथी तिमाही के नतीजे भी बाजार को निराश करने वाले रहे। इस असर से अन्य आईटी स्टॉक्स भी अछूते नहीं रहे; टेक महिंद्रा 4% टूटा, जबकि परसिस्टेंट सिस्टम्स और कोफोर्ज में 3% से अधिक की गिरावट आई। दिग्गज कंपनी इंफोसिस भी करीब 2.5% की कमजोरी के साथ ट्रेड कर रही थी।
बाजार में चौतरफा गिरावट के बावजूद कुछ सेक्टर संभलने की कोशिश करते दिखे। निफ्टी आईटी के साथ-साथ हेल्थकेयर, फार्मा, प्राइवेट बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे इंडेक्स लाल निशान में रहे। दूसरी तरफ, निफ्टी एफएमसीजी, इंडिया डिफेंस, मीडिया, मेटल और रियल्टी सेक्टर में खरीदारी का रुझान देखने को मिला, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला। दिग्गजों की बात करें तो एचयूएल, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस गेनर्स की सूची में शामिल रहे, जबकि एशियन पेंट्स, सन फार्मा, भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक जैसे शेयरों को लूजर्स की श्रेणी में रखा गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कल यानी 21 अप्रैल को जो शानदार तेजी (753 अंकों की बढ़त) देखी गई थी, उसके बाद आज प्रॉफिट बुकिंग होना स्वाभाविक था। हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी ने निवेशकों की चिंता को और बढ़ा दिया है। इस नाकेबंदी के कारण कच्चे तेल की सप्लाई चेन बाधित होने का डर है, जिससे ब्रेंट क्रूड फिलहाल 98 डॉलर प्रति बैरल के पास बना हुआ है। तेल की ऊँची कीमतें भारत जैसे देशों के लिए महंगाई का बड़ा खतरा पैदा करती हैं। यही कारण है कि निवेशक इस समय जोखिम उठाने के बजाय ‘वेट एंड वॉच’ की नीति पर चल रहे हैं, जिसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट के रूप में दिख रहा है।
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