US Healthcare Scam
US Healthcare Scam : अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही प्रशासन ने भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में कैलिफोर्निया में एक विशाल स्वास्थ्य सेवा धोखाधड़ी (Healthcare Fraud) का पर्दाफाश हुआ है। संघीय जांच एजेंसी (FBI) ने एक सुनियोजित कार्रवाई करते हुए उन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को करोड़ों डॉलर का चूना लगाया। जांच में सामने आया है कि इन जालसाजों ने अमेरिकी सरकार और करदाताओं के लगभग 5 करोड़ डॉलर (400 करोड़ रुपये से अधिक) की धोखाधड़ी की है। यह घोटाला तब सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन देश की आंतरिक प्रणालियों में सुधार के लिए कड़े कदम उठा रहा है।
एफबीआई की जांच रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी दक्षिणी कैलिफोर्निया में फर्जी ‘हॉस्पिस केयर’ (Hospice Care) सेंटर चला रहे थे। हॉस्पिस केयर का अर्थ उन केंद्रों से होता है जहां गंभीर रूप से बीमार या जीवन के अंतिम चरण में पहुंचे मरीजों की देखभाल की जाती है। इन आरोपियों ने ऐसे केंद्र बना रखे थे जो केवल कागजों पर मौजूद थे। वे फर्जी मरीजों का डेटा तैयार करते और दिखाते कि उनकी देखभाल की जा रही है, जबकि वास्तव में वहां कोई मरीज होता ही नहीं था। इस दिखावे के बदले में ये केंद्र ‘मेडिकेयर’ (Medicare) जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से भारी भरकम राशि वसूल रहे थे।
इस घोटाले की गहराई तक पहुंचने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने एक विशेष उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया था, जिसका नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे थे। इस कमेटी की निगरानी में हुई जांच के बाद गुरुवार को कार्यवाहक अटॉर्नी बिल एसेली ने बड़ी जानकारी साझा की। पकड़े गए आरोपियों में समाज के सम्मानित व्यवसायों से जुड़े लोग भी शामिल हैं, जिनमें तीन नर्स, एक काइरोप्रैक्टर और एक मनोवैज्ञानिक (Psychologist) का नाम सामने आया है। ये पेशेवर लोग मेडिकेयर को ऐसे बिल भेजते थे जिनमें उन मरीजों को गंभीर बीमार दिखाया जाता था जो असल में पूरी तरह स्वस्थ थे।
घोटालेबाजों की चालाकी तब धरी की धरी रह गई जब डेटा विश्लेषण में एक अजीबोगरीब तथ्य सामने आया। आमतौर पर हॉस्पिस केयर केंद्रों में मरीजों के जीवित रहने की दर लगभग 17 प्रतिशत होती है, क्योंकि वहां केवल अंतिम समय के मरीजों को रखा जाता है। लेकिन इन फर्जी केंद्रों में जीवित रहने की दर सामान्य से पांच गुना अधिक पाई गई। अधिकारियों के लिए यह एक बड़ा रेड फ्लैग था; क्योंकि अगर मरीज मर ही नहीं रहे थे, तो उन्हें ‘हॉस्पिस केयर’ की आवश्यकता ही नहीं थी। इसी विसंगति ने एफबीआई को इन केंद्रों की गहराई से जांच करने पर मजबूर कर दिया।
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में ग्लैडविन और एमेलो गिल नामक एक दंपति भी शामिल है, जो एक प्रमुख हॉस्पिस कंपनी के मालिक हैं। एफबीआई के अनुसार, दक्षिणी कैलिफोर्निया का इलाका स्वास्थ्य सेवा धोखाधड़ी के लिए ‘हाई रिस्क जोन’ बनता जा रहा है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की संगठित धोखाधड़ी से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को हर साल अरबों डॉलर का नुकसान होता है। इस वित्तीय घाटे का सीधा बोझ देश के ईमानदार करदाताओं पर पड़ता है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में स्वास्थ्य प्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए और भी कड़े कानून और जांच अभियान चलाए जाएंगे।
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