Ambikapur News : छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल कर स्थानीय गांधी चौक पर धरना दिया। अपनी लंबित समस्याओं और “मोदी की गारंटी” के तहत वादों को लागू करवाने की मांग को लेकर फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा है।कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित मुद्दों का समाधान नहीं होने से उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है।

फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन में बताया गया कि 18 जुलाई 2025 को भी कलेक्टरों के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं की गई है।


कर्मचारियों की प्रमुख मांगे –

◆ केंद्र के समान तिथि से महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत (DR) लागू हो।
◆ वर्ष 2019 से लंबित डीए एरियर्स जीपीएफ खाते में समायोजित किए जाएं।
◆ पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर वेतन विसंगतियां दूर की जाएं।
◆ कर्मचारियों को 8, 16, 24 और 32 वर्षों में चार स्तरीय समयमान वेतनमान मिले।
◆ सहायक शिक्षकों व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय वेतनमान दिया जाए।
◆ नगरीय निकाय कर्मियों को नियमित मासिक वेतन व पदोन्नति सुनिश्चित हो।
◆ भाजपा शासित अन्य राज्यों की तरह कैशलेस इलाज सुविधा लागू हो।
◆ अनुकंपा नियुक्ति पर लगी 10% सीलिंग हटाई जाए और स्थायी आदेश जारी हों।
◆ अर्जित अवकाश नगदीकरण सीमा 300 दिन की जाए।
◆ प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर सभी लाभ दिए जाएं।
◆ सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
◆ दैनिक वेतनभोगी, संविदा व अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
फेडरेशन का कहना है कि ये मांगे सिर्फ कर्मचारियों के लिए नहीं बल्कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी जरूरी हैं। अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेती है।










